बदायूं। आसमान में बादलों के बीच शुक्रवार को धूप भी खिली। बृहस्पतिवार के मुकाबले शुक्रवार को तापमान में गिरावट भी दर्ज की गई। सर्द हवा का प्रकोप थमा रहा। शनिवार को भी कुछ समय के लिए आसमान में बादल छाए रहने का पूर्वानुमान बना हुआ है। अगले सप्ताह से मौसम पूरी तरह से साफ हो जाएगा।
जनवरी के पूरे अंतिम सप्ताह मौसम खराब रहा था। फरवरी के पहले दिन से ही मौसम साफ हुआ और अच्छी धूप खिलने से लोगों ने खुशनुमा मौसम का आनंद लिया। तीन दिन तक अच्छी धूप खिलने के बाद चार फरवरी को मौसम ने करवट बदली और सुबह की शुरुआत बारिश के साथ हुई। दोपहर में भी बारिश हुई। हालांकि, दिन में कई बार धूूप भी खिली। शुक्रवार को दूसरे दिन भी आसमान में कुछ बादल छाए रहे, लेकिन इसका ज्यादा प्रभाव नहीं दिखा। दिन में ज्यादातर मौसम खुशनुमा रहा। रात में भी सर्द हवा का प्रकोप पूरी तरह से थमा रहा। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 21 और न्यूनतम नौ डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। बृहस्पतिवार के मुकाबले यह मामूली गिरावट है। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 23 और न्यूनतम 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया था।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार फरवरी के दूसरे सप्ताह में मौसम पूरी तरह से साफ होने का पूर्वानुमान है। इस दौरान कई बार रात में कोहरे का असर बना रहेगा। शनिवार को आसमान में कुछ समय तक बादल छाए रह सकते हैं। ज्यादातर धूप रहेगी और तापमान में गिरावट नहीं होगी।
तेज हवा और बारिश से सरसों की फसल को नुकसान
उझानी (बदायूं)। मौसम में अचानक बदलाव के साथ बृहस्पतिवार रात में किसानों की बेचैनी बढ़ा दी। तेज हवा के झोंकों के साथ बारिश ने सरसों और लहटा की फसल को नुकसान पहुंचा दिया। खेतों में करीब 20 फीसदी तक फसल जमीन पर गिर गई। बारिश में पूरी तरह सराबोर सरसों की फलियों में दाना दागी होने से बच नहीं सकता। इसका सीधा असर पैदावार पर भी पड़ेगा।
बृहस्पतिवार रात को हुई बारिश एवं तेज हवा के बाद जब शुक्रवार सुबह में किसानों ने खेतों की ओर रुख किया तो खेतों में खासकर सरसों और लहटा की फसल को जमीन पर गिरा देख उनके होश उड़ गए। सरसों की फसल 10-15 दिन में पकने को तैयार है। फलियों में दाने भी परिपक्व होकर सूखने लगा था, लेकिन बारिश और तेज हवा की वजह से पौधों का सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। किसानों में रनऊ के हरीओम और संजरपुर निवासी रामनरेश ने बताया कि गनीमत रही जो ओले नहीं पड़े वरना तो सरसों की फसल तबाह हो जाती। बारिश की वजह से भीगी हुई फलियों में दाना सड़ भी सकता है। अगर मौसम साफ रहा तो नुकसान ज्यादा नहीं होगा।
गेहूं की फसल को बारिश से फायदा
उझानी। बारिश ने अगर किसी फसल को फायदा पहुंचाया है तो वह गेहूं है। गेहूं की फसल बढ़वार के बाद अब बालियों की ओर है। पिछले महीना हल्की बूंदाबांदी ने गेहूं में संजीवनी काम किया था। बृहस्पतिवार रात की बारिश ने गेहूं की फसल पर फिर से हरियाली ला दी। गेहूं उत्पादकों की मानें तो फसल की लंबाई भी अभी कुछ ज्यादा नहीं है। इसी के चलते तेज हवा गेहूं का चपेट में नहीं ले पाई है। इसके अलावा सब्जी फसलों में भी कोई खास नुकसान नहीं हुआ है। आलू की खुदाई के काम पर ब्रेक जरूर लग गया है।
बारिश और हवा की वजह से सरसों की फसल को आंशिक नुकसान हुआ है। बारिश अगर ज्यादा होती तो सरसों में नुकसान बढ़ जाता। गेहूं समेत सब्जी फसलें फायदे में हैं। आने वाले दिनों में बारिश और भी हो जाए तो गेहूं में आगे चलकर एक सिंचाई से काम चल जाएगा।
- डॉ. संजय कुमार, कृषि वैज्ञानिक।