बदायूं। जेल की दीवार फांदकर भागे सुमित चौधरी काे बृहस्पतिवार को एसटीएफ बरेली की टीम ने गिरफ्तार कर उसे जिला कारागार भेज दिया था। जेल प्रशासन ने उसे पहले दिन ही विशेष सुरक्षा निगरानी वाली बैरक में रखा है। पहले दिन उसे जेल में नींद नहीं आई। रात भर करवट बदलता रहा। सुबह उठकर उसने अखबार मांगा। उसको अखबार उपलब्ध कराया गया। दिन में भी सुमित किसी से कुछ नहीं बोला।
सात साल पहले जिस जेल से रस्सी के सहारे कूदकर भागा शातिर अपराधी सुमित चौधरी को अब फिर बदायूं की उसी जेल में रखा गया है। इस बार उसकी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जेलर रणंजय सिंह ने बताया कि सुमित की अलग से निगरानी की जा रही है। वह शातिर अपराधी की श्रेणी में हैं।
यह है मामला
सुमित चौधरी मुरादाबाद के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र का रहने वाला है। डिलारी थाना क्षेत्र के गांव हिमांयूपुर के रहने वाले पूर्व ब्लाक प्रमुख योगेंद्र सिंह उर्फ भूरा ने उसके भाई रिंकू चौधरी की हत्या कर दी थी। सुमित ने भाई रिंकू की हत्या का बदला लिया। 23 फरवरी 2015 को भाई के हत्यारोपी योगेंद्र सिंह की पुलिस अभिरक्षा में कचहरी परिसर में ही हत्या कर दी थी।
सुमित चौधरी को पुलिस ने मौके से ही गिरफ्तार कर लिया था। सितंबर 2015 को सुमित को मुरादाबाद से बदायूं जेल शिफ्ट कर दिया गया था। 12 मई 2018 को कुख्यात अपराधी चंदन की मदद से सुमित चौधरी जेल की दीवार कूद कर भाग गया था। तब से पुलिस उसको ढूंढ रही थी। एसटीएफ बरेली यूनिट ने उसे नेपाल बार्डर से बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। उस पर दो लाख रुपये का इनाम भी घोषित था। एसटीएफ ने उसे सिविल लाइंस थाने में दाखिल किया। पुलिस ने कोर्ट में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया है। पहले दिन व रात में जेल में वह बेचैन रहा।