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UP News: बदायूं में 12 हजार रुपये रिश्वत लेते दरोगा गिरफ्तार, एंटी करप्शन टीम ने की कार्रवाई

Mon, 08 Sep 2025 03:33 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

बदायूं में एंटी करप्शन की टीम ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। टीम ने सहसवान कोतवाली में तैनात एक दरोगा को रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ उझानी कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। 
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आरोपी दरोगा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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बरेली एंटी करप्शन ट्रैप टीम ने बदायूं के सहसवान कोतवाली में तैनात दरोगा कमलेश कुमार को 12 हजार की रिश्वत लेते हुए सोमवार को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। एसएसआई ने एक मुकदमे में आरोपियों के नाम न निकालने के लिए वादी से 12 हजार रुपये लिए थे। एंटी करप्शन टीम ने उसके खिलाफ उझानी कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। 

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सहसवान कोतवाली क्षेत्र के गांव अल्हैदादपुर धोबई निवासी दिनेश मिश्रा ने अपने गांव के कुछ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे की विवेचना एसएसआई कमलेश कुमार को दी गई थी। दिनेश मिश्रा के मुताबिक, उन्हें जानकारी मिली कि मुकदमे के आरोपी दरोगा से सांठगांठ करके मुकदमे से नाम निकलवाने की कोशिश कर रहे हैं। 

जब उन्होंने दरोगा से जानकारी की तो उन्होंने किसी का भी नाम निकालने से मना कर दिया, लेकिन दरोगा ने इसके एवज में वादी दिनेश से 20 हजार रुपये की मांग की। एसएसआई ने यह भी कहा कि अगर वह उन्हें रुपये नहीं देते हैं तो वह आरोपियों के नाम विवेचना से निकाल देगा। इससे दिनेश परेशान हो गया। बताया कि दरोगा से 12 हजार रुपये में मामला तय हो गया और सोमवार सुबह को रुपये देने की बात तय हुई। 

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उझानी कोतवाली में दर्ज कराया मुकदमा 
दिनेश ने शनिवार को एंटी करप्शन बरेली से संपर्क कर शिकायती पत्र सौंप दिया। उसके बताए अनुसार सोमवार को टीम सहसवान कोतवाली पहुंच गई। उधर दिनेश भी कोतवाली पहुंच गया। जैसे ही दिनेश ने दरोगा को रुपये दिए वैसे ही एंटी करप्शन टीम ने दरोगा को 12 हजार रुपयों के साथ कोतवाली में पेड़ के नीचे से रंगेहाथ दबोच लिया। उसे गिरफ्तार करके उझानी कोतवाली लाया गया, जहां उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। पूछताछ में टीम जुटी है। 

दो माह पहले कादरचौक से सहसवान हुआ था तबादला
एसएसआई कमलेश कुमार सिंह कादरचौक में करीब एक साल से तैनात था। करीब दो माह पहले ही उसका तबादला एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने सहसवान कोतवाली में किया था। 
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खुलेआम लिए रुपये, टीम को भी नहीं पहचान सका दरोगा
एसएसआई कमलेश कुमार सिंह को यह भरोसा ही नहीं था कि उसको एंटी करप्शन की टीम भी दबोच सकती है। क्योंकि मामला कोई इतना बड़ा नहीं था। मारपीट के मामले में दिनेश मिश्रा गांव के ही रामकुमार, वेदप्रकाश व हरिबाबू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दरोगा दो लोगों के नाम मुकदमा से हटाने की फिराक में था। नाम न हटाने के नाम पर रिश्वत मांगी गई थी। कोतवाली में खुलेआम उसने रिश्वत की रकम ली। 

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