अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का स्थापना दिवस बृहस्पतिवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। विद्यार्थियों को संस्कारों का पाठ भी पढ़ाया गया। मुख्य अतिथि प्रधानाचार्य गोपाल शर्मा ने बच्चों को चरित्रवान बनने की सलाह दी।
हरबिलास गोयल इंटर कॉलेज में विचार गोष्ठी प्रधानाचार्य श्री शर्मा ने कहा कि पढ़ाई के साथ- बच्चों में संस्कार भी होने चाहिए। संस्कारवान व्यक्ति हमेशा ही श्रेष्ठ कहलाता है। स्वामी विवेकानंद ने भी संस्कारों को वरीयता प्रदान की थी। उनके विचार भी समाज को नई दिशा प्रदान कर रहे हैं। विद्यार्थी परिषद की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य विवेक कुमार उपाध्याय ने कार्यकर्ताओं को संगठन का पाठ पढ़ाया। बोले- समाज में अच्छा कार्य करने से इंसान को पहचान मिलती है। विद्यार्थी परिषद का गौरवशाली इतिहास इसी बात का साक्षी है।
परिषद के अन्य पदाधिकारियों ने भी संगठन को लेकर विचार रखे। कहा कि सामाजिक समस्याओं पर आवाज बुलंद कर उनका समाधान कराने में विद्यार्थी परिषद का योगदान सराहनीय रहा है। छात्रों को परिषद की नीतियों पर चलकर समाज के लिए काम करना चाहिए। इस मौके पर परिषद के पदाधिकारियों के साथ शिक्षकों में संजीव पांडेय, सुरेंद्र मोहन शर्मा, अजय शर्मा, केशव भारद्वाज, सुनील मिश्रा, आशीष सक्सेना, धीरज सक्सेना, प्रसून सिंह, प्रमोद शर्मा, पूनम अरोरा आदि मौजूद थीं।
छात्र ने पेश की ईमानदारी की मिसाल
हरबिलास गोयल इंटर कॉलेज में विद्यार्थी परिषद की गोष्ठी के दौरान छात्र अभिषेक का पांच सौ रुपये का नोट मैदान में पड़ा मिला। नोट उठाकर वह सीधे शिक्षक संजय कुमार गुप्ता के पास पहुंचा और उन्हें पूरे मामले की जानकारी दी। बच्चे की ईमानदारी से खुश प्रधानाचार्य गोपाल शर्मा ने उसे एक सौ रुपये का पुरस्कार भेंट किया। साथ ही अभिषेक की तरह ही अन्य बच्चों को भी इसका अनुसरण करने की सलाह दी।