कार्यस्थलों पर महिलाओं का शोषण होने के कारण और समाधान विषय पर राजकीय महाविद्यालय में एक गोष्ठी हुई। इसमें चेयरपर्सन फात्मा रजा ने कहा कि बच्चों को संस्कार सिखाना एवं अच्छी शिक्षा दिलाना बेहद जरूरी है। रजा ने छात्राओं को तीन मंत्र दिए संस्कार, शिक्षा और बोल्डनेस। कहा कि मां-बाप बच्चों में संस्कार पैदा करें। स्कूल हर हाल में भेजें। शिक्षक पूरी ईमानदारी से शिक्षण कार्य करें। छात्राओं से कहा कि दृढ़ निश्चय और बोल्डनेस भी बेहद जरूरी है। महिलाएं कुछ भी होने पर चुप हो जाती हैं, जो गलत है। महिलाओं का कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
चेयरपर्सन ने कॉलेज प्रशासन से छात्राओं को जूडो-कराटे, मार्शल आर्ट जैसे आत्मरक्षा के गुरों का प्रशिक्षण दिलाए जाने की बात कही, जिससे छात्राएं आत्मरक्षा कर सकें। इससे पूर्व मुख्य अतिथि का शाल ओढ़ाकर और बुके देकर स्वागत किया गया। इस मौके पर प्राचार्य डॉ. एसपी खरे, सारिका शर्मा, डॉ. श्रद्धा गुप्ता, डॉ. राकेश जायसवाल, डॉ. इकबाल हबीब, डॉ. राधेश्याम आदि मौजूद रहे।