सहसवान नगर क्षेत्र के बॉ विद्यालय का मामला, बीएसए के निरीक्षण में हुआ खुलासा, मांगी रिपोर्ट
छात्राओं की संख्या कम होने पर मानदेय रोका
बेसिक शिक्षा विभाग के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों की स्थिति सुधरने का नाम नहीं ले रही है। सोमवार को बीएसए पीसी यादव ने सहसवान क्षेत्र के बॉ विद्यालयों का निरीक्षण किया। नगर क्षेत्र के बा विद्यालय में छात्राओं के लिए अनाज उपलब्ध नहीं था। उन्होंने वार्डन साधना माहेश्वरी से पूछा तो पता चला कि विद्यालय में अनाज उपलब्ध नहीं है। ऐसे में छात्राओं को उधार लेकर भोजन दिया जा रहा है।
बताते चलें जिले में कुल 18 बॉ विद्यालय हैं, जिनमें कुल 1800 गरीब परिवार की छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। अपने परिवार से दूर रहकर शिक्षा प्राप्त करने वाली इन छात्राओं की पूरी जिम्मेदारी बेसिक शिक्षा विभाग की है, लेकिन इनको सुविधाएं सुचारु रूप से नहीं मिल पा रही हैं। पिछले माह ही इन विद्यालयों में राशन सप्लाई करने वाले सप्लायर की मनमानी को लेकर वार्डनों ने बीएसए को अवगत कराया था, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। बताते हैं कि वह सप्लायर एक माननीय का करीबी है। ताजा मामला अब सहसवान नगर क्षेत्र के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय का है। जहां कुल 79 छात्राएं पंजीकृत हैं, लेकिन अगस्त माह शुरू हुए एक सप्ताह हो चुका है। सप्लायर द्वारा अभी तक सामग्री नहीं पहुंचाई गई है।
बीएसए पीसी यादव को विद्यालय में 42 छात्राएं उपस्थित मिलीं। फुल टाइम टीचर मौजूद थे। पार्ट टाइम टीचर गजराज सिंह आकस्मिक अवकाश पर थे। उन्होंने वार्डन साधना माहेश्वरी से अनाज के बारे में पूछा तो उन्होंने ने बताया कि विद्यालय में आटा, चावल नहीं है। ऐसे में उधार लेकर छात्राओं को भोजन दिया जा रहा है। बीएसए ने वार्डन से जुलाई माह के उपभोग और छात्राओं की उपस्थिति की रिपोर्ट तीन दिन के अंदर कार्यालय में उपस्थित होकर देने को कहा है। साथ ही उन्होंने विद्यालय में छात्राओं की संख्या कम होने पर वार्डन के मानदेय पर रोक लगा दी है।
इसके बाद बीएसए ने दूसरा बॉ विद्यालय चेक किया। यहां पर विज्ञान विषय की गुणवत्ता के सवाल पूछने पर छात्राएं असहज दिखीं। इस पर उन्होंने फुल टाइम टीचर ज्योति सिंह, रीता शर्मा, राखी आर्या और ममता देवी के मानदेय पर रोक लगा दी है।