बदायूं। जिले के माध्यमिक स्कूलों में अब पढ़ाई का तरीका बदलने जा रहा है। नए शैक्षिक सत्र से छात्रों को केवल किताबों तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक और छात्र-केंद्रित शिक्षा देने की तैयारी की जा रही है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इस दिशा में एक विशेष प्रोजेक्ट के रूप में पहल शुरू करने का निर्णय लिया है।
माध्यमिक स्कूलों में इस नई व्यवस्था के तहत पढ़ाई को अधिक रोचक और समझने योग्य बनाया जाएगा। छात्रों को प्रोजेक्ट वर्क, प्रयोग, गतिविधियों और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से पढ़ाया जाएगा, ताकि वे विषयों को बेहतर तरीके से समझ सकें और उन्हें वास्तविक जीवन में भी लागू कर सकें।
शिक्षा विभाग का मानना है कि पारंपरिक रटने वाली पढ़ाई के बजाय यदि छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान दिया जाए, तो उनकी सोचने-समझने की क्षमता विकसित होगी। इससे न केवल उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि वे आत्मनिर्भर और कुशल भी बन सकेंगे। इसके लिए शिक्षकों को भी विशेष रूप से तैयार किया जाएगा, ताकि वे नई पद्धति के अनुसार छात्रों को पढ़ा सकें।
कक्षाओं में प्रयोगात्मक गतिविधियों, समूह चर्चा और नवाचार पर जोर दिया जाएगा। इस पहल से छात्रों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही यह व्यवस्था उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार करेगी। डीआईओएस लालजी यादव ने बताया कि इस नई प्रणाली से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों का सर्वांगीण विकास हो सकेगा।