रुहेलखंड के मिनी अर्धकुंभ मेला ककोड़ा की तैयारियों जोरों पर चल रहीं हैं। मेले तक पहुंचने के लिए कच्ची रोड बनकर तैयार हो गया है। वही अंदर का वीआईपी मार्ग भी बन गया है। दूसरा मार्ग भी बन रहा है लेबल ठीक न मिल पाने के कारण दूसरे मार्ग को जेसीबी से बनाया जा रहा है। वहीं दीपावली के चलते मेले की तैयारियों में एक दो दिन का ब्रेक लग सकता है। जिला पंचायत का दावा है कि 16 नवंबर तक सभी सड़कें बनकर तैयार हो जाएंगी।
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गंगा का जलस्तर 15 से घटेगा
कादरचौक। गंगा का जलस्तर नहरों की सिल्ट सफाई के कारण अभी निरंतर बढ़ रहा है, जिसके कारण तटों का काम अभी नहीं शुरू हो सका है। 15 नवंबर के बाद गंगा का जल नहरों में छोड़ दिया जायेगा। तब जलस्तर कम होगा। उसके बाद गंगा तटों का कटान भी कर सकती है। अगर ऐसा हुआ तो चिह्नित स्नान घाट के बदलनेे की भी संभावना रहेगी। ऐसा पिछले दो वर्षों में देख भी गया है।
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चार- चार मीटर चौड़ीं बनेंगी सभी सड़कें
कादरचौक। मेले के अंदर से लेकर वाईपास तक मुख्य सड़क के साथ ही चार चार मीटर चौड़ीं सड़कें होगीं। बीच में भी पर्याप्त जगह रहेगी। वहीं बरेली और वीआईपी के लिए बाईपास मार्ग भी बनेगा।
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घाट पर 1500 मीटर चौड़ाई
कादरचौक। मुख्य स्नान घाट पर अभी तो 150 मीटर की चौड़ाई रखी गई है, लेकिन गंगा के कम होने के वाद ही यह चौड़ाई कितनी रहेगी यह तभी पता लगेगा। अगर गंगा ने परिवर्तन न किया तो यही लंबाई रहेगी, लेकिन श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ पर और अवैध अतिक्रमण के कारण यह स्थान भी कम पड़ जाता है।