जनपद में परिवार नियोजन की स्थिति संतोषजनक न पाए जाने पर जिलाधिकारी शंभूनाथ ने कहा कि नसबंदी फेल होने के कारण वैसे ही परिवार नियोजन कार्यक्रम प्रभावित हो रहा है, इसलिए स्वास्थ्य विभाग परिवार नियोजन कार्यक्रम पर विशेष ध्यान देते हुए जन जागृति के साथ ही छोटे परिवार के महत्व को समझाकर परिवार नियोजन सफल बनाएं।
बुधवार को कलक्ट्रेट स्थित सभाकक्ष में जिला स्तरीय परिवार नियोजन कार्यशाला आयोजित हुई। इसमें बताया गया कि जनपद में 11 से 24 जुलाई तक जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा मनाया जाएगा। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी सहित सभी एमओईसी को हिदायत दी कि परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत प्रत्येक सीएचसी एवं पीएचसी पर जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा के तहत कार्यक्रम आयोजित होने चाहिए। जिलाधिकारी ने कहा आज के युग में परिवार नियोजन सबसे बड़ी जरूरत है, क्योंकि उसका संबंध सीधा-सीधा विकास से है। वर्तमान में छोटे परिवारों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि कुछ दंपति परिवार नियोजन अपनाना चाहते हैं, लेकिन झिझक और संकोच के कारण किसी को बताना नहीं चाहते। आशा वर्कर, एएनएम सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को यह झिझक दूर करते हुए लोगों को परिवार नियोजन के संबंध में पूर्ण जानकारी देते हुए उनकी सहायता करनी होगी।
जिला स्तर पर नसबंदी का आपरेशन करने के लिए कोई डाक्टर उपलब्ध नहीं है। जिलाधिकारी को जब इस संबंध में जानकारी दी गई, तो उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि यह स्थिति संतोषजनक नहीं है। जिलाधिकारी ने डॉक्टर की तैैनाती के लिए शासन को पत्र भिजवाने के निर्देश दिए। कार्यशाला में सीएमओ डॉ. दीपक सक्सेना सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।