काली पट्टी बांध कर विरोध भी जताया
प्रांतीय आह्वान पर शुक्रवार की शाम को राज्य कर्मचारियों ने सातवें वेतन आयोग की शर्त के खिलाफ काली पट्टियां बांधकर प्रदर्शन कर मशाल जुलूस निकाला। डीएम के माध्यम से प्रदेश के मुख्य सचिव को ज्ञापन भेजा है।
मशाल जुलूस से पूर्व हुई बैठक में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष मदन मुरारी गुप्ता ने कहा कि पहले भी प्रदेश का कर्मचारी समाज शासन की उपेक्षापूर्ण नीति के कारण अपनी जायज मांगों और समस्याओं को लेकर काफी समय से धरना,प्रदर्शन आदि हड़ताल जैसे कदम उठाने को मजबूर कर चुके हैं। अन्य वक्ताओं ने कहा कि शासन के उच्चाधिकारी भी कर्मचारियों की समस्याओं का निस्तारण करना नहीं चाहते हैं। इससे कर्मचारियों में आक्रोश पनप रहा है। परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त अधिसंख्य तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का संगठन है। वक्ताओं ने कहा कि संगठन 18 लाख कर्मचारियों के सेवा हितों के लिए हमेशा ही सज और प्रयत्नशील रहा है। शासन के उच्चाधिकारियों ने सातवें वेतन आयोग में लगाई गई शर्त बैरी गुड का अ चलाकर आंदोलन के लिए विवश करने का काम किया है। इस नई व्यवस्था से पूरे कर्मचारी समाज के ऊपर मनोवैज्ञानिक प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। कर्मचारी इस व्यवस्था को किसी रूप में स्वीकार करने को तैयार नहीं है। वक्ताओं ने ऐलान किया है यदि इस व्यवस्था तो दूर नहीं किया गया तो प्रांतीय आह्वान पर आंदोलन किया जाएगा। मशाल जुलूस में मदन मुरारी गुप्ता, संजय कुमार, गौरव यादव,सरोज कुमारी आदि तमाम कर्मचारी थे।