जितेंद्र समर्थक भड़के, जिलाध्यक्ष को घेरकर हंगामा
नामांकन जुलूस की तैयारी कर रहे थे जितेंद्र, फिर नहीं भरा पर्चा
आशुतोष ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर आननफानन में भरा नामांकन
भाजपा ने सहसवान में जितेंद्र यादव को तगड़ा झटका देते हुए शुक्रवार को उनका टिकट काटकर आशुतोष वार्ष्णेय को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया। जितेंद्र का टिकट कटने की खबर दोपहर करीब 12 बजे पहुंची, उस वक्त उनके नामांकन जुलूस की तैयारी की जा रही थी। जुलूस के लिए इकट्ठे हुए उनके समर्थक टिकट कटने की सूचना मिलने से भड़क उठे। उन्होंने उन्होंने पूर्व विधायक प्रेम स्वरूप पाठक के सिविल लाइंस स्थित आवास में मौजूद भाजपा जिलाध्यक्ष हरीश शाक्य को घेरकर उन्हें जमकर खरीखोटी सुनाई। इस दौरान धक्कामुक्की भी हुई।
सहसवान सीट पर भाजपा के टिकट के लिए पहले से खींचतान चल रही थी। भाजपा ने इस सीट से बाहुबली नेता डीपी यादव के भतीजे जितेंद्र यादव को टिकट दिया था। शुक्रवार को टिकट कटने की खबर आने के बाद जितेंद्र नामांकन कराने तो नहीं गए लेकिन उनके समर्थकों ने जमकर हंगामा और नारेबाजी की। जिलाध्यक्ष हरीश शाक्य का कहना है कि टिकट में बदलाव पार्टी हाईकमान ने किया है, वह इस बारे में कुछ नहीं बता सकते। हालांकि एक चर्चा यह भी रही कि क्षेत्रीय इकाई की ओर से जितेंद्र यादव के बजाय आशुतोष वार्ष्णेय को मजबूत प्रत्याशी बताकर हाईकमान को रिपोर्ट भेजी गई थी। इसी आधार पर टिकट में बदलाव हुआ।
जितेंद्र यादव समर्थकों ने खुलकर क्षेत्रीय अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष पर हाईकमान को पक्षपातपूर्ण रिपोर्ट भेजने के आरोप लगाया। आशुतोष वार्ष्णेय के बारे में बताया गया कि वह करीब छह महीने पहले ही भाजपा में आए थे और टिकट के लिए दावा किया था। जितेंद्र यादव पहले बसपा में थे और स्थानीय निकाय के एमएलसी ङी रहे हैं। टिकट काटे जाने को उन्होंने अपने समर्थकों के बीच नाइंसाफी बताया। सहसवान से भाजपा प्रत्याशी घोषित किए गए आशुतोष वार्ष्णेय भोला ने करीब ढाई बजे कलक्ट्रेट पहुंचकर आननफानन में अपना नामांकन भी करा दिया।