बदायूं। जिले में गर्मी बढ़ने के साथ आगजनी की घटनाओं का खतरा भी बढ़ता जा रहा है, लेकिन अग्निशमन विभाग स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहा है। विभाग में कई महत्वपूर्ण पद खाली पड़े हैं। इससे आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करना मुश्किल हो सकता है।
जिले में अग्निशमन अधिकारी के चार पद स्वीकृत हैं, लेकिन एक भी अधिकारी तैनात नहीं है। अग्निशमन वित्तीय अधिकारी के पांच पद में से केवल दो पर ही तैनाती है। इसी तरह लीडिंग फायरमैन के नौ पदों में से पांच पद रिक्त हैं। चालक के 10 पदों में से चार खाली हैं। फायरमैन के 69 पदों में से 60 कर्मी कार्यरत हैं।
स्टाफ की इस कमी का सीधा असर अग्निशमन सेवाओं पर पड़ रहा है। किसी भी बड़ी आग की घटना के दौरान पर्याप्त संख्या में कर्मियों की उपलब्धता न होना राहत कार्य को प्रभावित कर सकता है। वहीं, शहर में आग बुझाने के लिए लगाए गए हाइड्रेंट सिस्टम की स्थिति भी पूरी तरह संतोषजनक नहीं है। वर्तमान में लोक निर्माण विभाग गेस्ट हाउस, डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क, जालंधरी सराय पुलिया, नहारखां सराय ओवरहेड टैंक, होडा एजेंसी, बजाज बाइक एजेंसी और दास डिग्री कॉलेज के पास लगे हाइड्रेंट ही सही हालत में हैं। इसके अलावा इस्लामियां इंटर कॉलेज और जफा की कोठी के पास लगे हाइड्रेंट खराब होकर बंद पड़े हैं। इससे उन क्षेत्रों में आग लगने की स्थिति में पानी की तत्काल उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।
बिल्सी में एक भी फायर स्टेशन नहीं
बिल्सी तहसील क्षेत्र में अग्निशमन विभाग की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। करीब 200 से अधिक गांवों वाले इस क्षेत्र में अग्निशमन विभाग का एक भी स्थायी फायर स्टेशन स्थापित नहीं है। ऐसे में किसी भी गांव में आग लगने की स्थिति में तत्काल राहत मिल पाना संभव नहीं हो पाता। आग लगने पर जिला मुख्यालय से दमकल वाहन भेजे जाते हैं, लेकिन दूरी अधिक होने के कारण मौके तक पहुंचने में काफी देर हो जाती है। हालांकि, गर्मी के मौसम को देखते हुए विभाग की ओर से अस्थायी व्यवस्था के तहत 700 लीटर पानी की एक गाड़ी तैनात की गई है, लेकिन यह व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है।
500 गांव पर एक गाड़ी है तैनात
जिले की सबसे बड़ी तहसील दातागंज में अग्निशमन व्यवस्था बेहद सीमित संसाधनों के सहारे चल रही है। करीब 500 से अधिक गांव की सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल एक दमकल गाड़ी पर टिकी हुई है। ऐसे में यदि किसी एक समय पर अलग-अलग स्थानों पर आग लग जाती है तो विभाग के सामने गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। एक ही वाहन के सहारे इतने बड़े क्षेत्र में प्रभावी नियंत्रण कर पाना संभव नहीं है। क्षेत्रफल को देखते हुए यहां कम से कम दो से तीन दमकल गाड़ियों की आवश्यकता है, ताकि आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
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ये हैं उपकरण मौजूद
सदर तहसील में उपकरण
-दो गाड़ी : 5000 लीटर पानी
-एक गाड़ी : 700 लीटर पानी
-दो बाइक : 70 लीटर पानी
-एक पोर्टेबल पंप बेड बोलेरो कॉस्ट
-एक एंबुलेंस
सहसवान तहसील
-एक गाड़ी : 400 लीटर पानी
-एक गाड़ी : 450 लीटर पानी
-एक गाड़ी : 700 लीटर पानी
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दातागंज तहसील
-एक गाड़ी : 5000 लीटर पानी
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बिसौली तहसील
-एक गाड़ी : 2500 लीटर पानी
बिल्सी तहसील
-सीजनल गाड़ी एक : 700 लीटर पानी
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जिले में इनकी मांग
-चार गाड़ी : 5000 लीटर पानी
-दो फोम टेंडर
-दो वाटर फायर टेंडर
-एक हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म
वर्जन
-सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सभी गाड़ियां तैयार रखने को कहा गया है। कुछ दमकल वाहनों की शासन से मांग की गई है। उनके मिलने पर विभाग को और अधिक मजबूती मिलेगी।
-रामराजा यादव, मुख्य अग्निशमन अधिकारी