बेहटा डंबरनगर में हुआ समाज सुधारक सम्मेलन
बुधवार को तपती दोपहरी में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर यहां पहुंचे लोग
खानकाहे शाह शराफत, बरेली के सज्जादानशीन हजरत शाह सकलैनी मियां ने देश व कौम की सलामती के लिए दुआ की। उन्होंने पानी की फिजूल खर्ची को मना किया। बोले, गांव बेहटा जो कभी गलत कामों के लिए जाना जाता था, वह अब सुधार की ओर है।
क्षेत्र के गांव बेहटा डंबर नगर में बुधवार को समाज सुधारक सम्मेलन में हजारों की भीड़ उमड़ी। तपती दोपहरी में भी क्षेत्र के कई गांवों से लोग ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर यहां पहुंचे। बता दें कि इससे पहले मई 2015 में सम्मेलन हुआ था, तब क्षेत्र के दर्जनों गांव में शादियों में बैंडबाजों के साथ ही अन्य फिजूल खर्ची पर रोक लगाई गई थी। दहेज को भी प्रतिबंधित किया गया था। इस मौके पर बरेली से आये डॉ. जिया उल रहमान ने कहा कि नेक बनो, नेक लोगों से मुहब्बत करो, अपने आप को जहुन्नम से बचाओ। सच्चा मुसलमान सेवा करता है। पड़ोसी अगर परेशान है, तो मुसलमान का फर्ज है कि वह उसकी मदद करे। दीन का हिस्सा सभी की खिदमत करना है। महिलाओं की इज्जत करो, छेड़छाड़, गलत आचरण, चोरी करने वालों को अल्लाह कभी माफ नहीं करता है। इससे कौम की बदनामी भी होती है। अल्लाह की इबादत ही जन्नत का द्वार है। मंच पर तमाम उलमाओं ने विचार रखे।
हजरत मौलाना जिया उर रहमान अली खानकाहे सैयद सरावा, इलाहाबाद व मुफ्ती अनफासुल हसन ने विचार व्यक्त किए। उन्होंने नाच-गाना, डीजे, शराब, जुआ जैसी कुरीतियों से बचने की अपील की। सम्मेलन मे असलम मियां बरेली, अब्दुल अजीज मियां भटपुरा शरीफ, वजाहत मियां, शेरी नाशिर मियां, शेरी मुफ्ती दिलशाद कादरी, तसनीम कादरी बदायूं शरीफ सहित तमाम मौलानाओं ने शिरकत की। संचालन हाफिज जमीर अहमद सकलैनी ने किया।
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खूब दिखा सेवा भाव
कादरचौक। गर्मी के मौसम मे खेत में लगे विशाल पंडाल मे प्यासे लोगों को पानी के लिये दो टैंकर खड़े किए गए थे, लेकिन वक्ताओं की तकरीर के समय लोग पानी को न उठें, इसके लिए तमाम लोग पानी जगह पर ही उपलब्ध करा रहे थे। वाहनों की पार्किंग से लेकर रखरखाव की व्यवस्था भी बेहटा के लोगों ने पूरे सेवाभाव के साथ निभाई।