सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देते समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ता।स्रोत:संगठन
बदायूं। समाजवादी छात्रसभा ने बृहस्पतिवार को डीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर स्कूूलों के विलय और पांच हजार विद्यालयों को बंद किए जाने के निर्णय का विरोध किया। प्रदर्शन के बाद राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट सुरेश पाल सिंह को सौंपा गया।
सपा छात्रसभा के जिलाध्यक्ष जाहिद गाजी ने कहा कि भाजपा सरकार गरीब और किसान परिवारों के बच्चों की शिक्षा से उन्हें वंचित करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था को लगातार कमजोर किया जा रहा है। इससे गरीब तबका शिक्षा से वंचित रहेगा। कहा कि भाजपा सरकार स्कूलों को बंद कर बूथों को भी प्रभावित करने की मंशा रखती है। आरोप लगाया कि भाजपा शासन में स्कूलों में न तो समय से किताबें पहुंच रही हैं। कहा कि सरकार शिक्षा में निजीकरण को बढ़ावा दे रही है। दूसरी ओर हजारों की संख्या में शराब के ठेके खोले जा रहे हैं। फैजान ने कहा कि यह फैसला न केवल बच्चों की शिक्षा पर असर डालेगा, बल्कि बीएड और बीटीसी धारक युवाओं के शिक्षक बनने के अवसर भी समाप्त करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने स्कूल बंद करने का फैसला वापस नहीं लिया तो छात्र सभा को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। इस दौरान डॉ. साकिब शेख, सलीम कादरी, रवि सागर, गौरव पटेल, शिवम पटेल आदि मौजूद रहे।