अलापुर की चेयरमैन के बेटे हैं काजी मोहम्मद रिजवान
मूल रूप से अलापुर के निवासी काजी मोहम्मद रिजवान का एक घर शहर में चक्कर वाली सड़क पर भी है। वर्ष 2017 में शेखूपुर सीट से उन्होंने बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में भाजपा के धर्मेंद्र शाक्य विधायक चुने गए। उनको 93 हजार से ज्यादा वोट मिले थे। सपा के आशीष यादव 70 हजार से ज्यादा वोट पाकर दूसरे और काजी रिजवान 64 हजार से ज्यादा वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे थे। काजी रिजवान के परिवार का राजनीति में दखल रहा है। उनकी मां नाज बी अलापुर नगर पंचायत की मौजूदा चेयरमैन हैं। उनके चाचा मोहम्मद अली हमजा भी दो बाद चेयरमैन रह चुके हैं। रिजवान के साथ अली हमजा भी पिछले दिनों पूर्व सांसद धर्मेंद्र की पैरवी पर सपा में शामिल हुए थे।
आबिद को अखिलेश ने मुलाकात के लिए बुलाया
वक्फ विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष आबिद रजा के पीआरओ सरताज खान ने मीडिया को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया है कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से आबिद रजा की सोमवार को मुलाकात हुई है। उन्होंने मंगलवार को फिर बुलाया है। उनसे मुलाकात के बाद आबिद रजा अपने भविष्य को लेकर फैसला लेंगे। बता दें कि 2012 के विधानसभा चुनाव में शहर सीट से भाजपा के मौजूदा विधायक महेश गुप्ता और बिनावर सीट से मौजूदा विधायक राम सेवक सिंह पटेल को हरा कर शहर सीट पर आबिद ने कब्जा किया था।
धर्मेंद्र यादव से तल्खी ने बिगाड़ा आबिद का खेल
आबिद रजा ने सपा से विधायक रहते हुए 2016 में सांसद धर्मेंद्र यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। लोगों को लगा था कि 2017 के विधानसभा चुनाव में सपा आबिद रजा से किनारा कर सकती है। इसके बाद भी वह 2017 के चुनाव में सपा से टिकट हासिल करने में कामयाब हो गए थे। इस चुनाव में भाजपा के महेश गुप्ता ने आबिद रजा को शिकस्त दे दी। चुनाव हारने के बाद आबिद और धर्मेंद्र यादव के बीच दूरियां बढ़ती गईं। आबिद रजा मुस्लिम चेहरा होने के नाते आजम खां और सलीम शेरवानी के सहारे थे, लेकिन धर्मेंद्र यादव की नाराजगी के कारण सपा ने आबिद रजा से किनारा कर लिया। संवाद