उघैती कस्बे से शिक्षक का अगवा किया गया बेटा दिव्यांश 19 दिन के बाद पुलिस ने बरामद कर लिया है। उसकी बरामदगी सोरों थाना क्षेत्र के गांव बैतुलिया से होना बताई जा रही है। हालांकि, पुलिस के अधिकारी अभी पुष्टि नहीं कर रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि बालक एसओजी के पास है। उससे जानकारियां जुटाई जा रही हैं। बुधवार को एसएसपी सुनील सक्सेना मामले में वर्क आउट कर सकते हैं।
उघैती निवासी लक्ष्मीनारायण बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक हैं। 25 अगस्त को उनका छह वर्षीय बेटा दिव्यांश घर के बाहर खेल रहा था। यहां से उसको अगवा कर लिया गया। मामले में पहले तो उघैती पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की बाद में मुकदमा अपहरण की धाराओं में तरमीम कर लिया। दिव्यांश को मुक्त करने के बदले बदमाशों ने 15 लाख रुपये फिरौती मांगी थी। बच्चे की सकुशल बरामदगी के लिए एसएसपी सुनील सक्सेना ने एसओजी के साथ कई टीमों को लगाया था।
सर्विलांस के जरिए पुलिस अपहर्ताओं को ट्रेस करने में लगी हुई थी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सोमवार शाम बदमाशों को ट्रेस कर दिव्यांश को कासगंज के सोरों थाना क्षेत्र के गांव बैतुलिया से बरामद कर लिया गया। फिलहाल, अधिकारी इस बारे में कुछ बताने से इंकार कर रहे हैं।
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कई थानों की पुलिस ने की छापामारी
बदायूं। दिव्यांश के अपहृताओं की गिरफ्तारी के लिए मंगलवार को कई थानों की पुलिस ने सोरों के गांव रिठौली और बैतुलिया में छापामारी की। सूत्रों ने बताया कि यहां से पांच-छह लोगों को शक के आधार पर हिरासत में भी लिया गया है। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है।
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अगवा करने के बाद बेच दिया गया था दिव्यांश
बदायूं। बच्चे के अपहरण में उघैती के साथ सहसवान के कुछ बदमाशों का हाथ होना भी बताया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो कुछ दिन तक दिव्यांश को सहसवान में भी रखा गया था। बाद में उसको सोरों के बदमाशों के हाथ बेच दिया गया। इन बदमाशों ने दिव्यांश को मुक्त करने के बदले 15 लाख रुपये फिरौती की मांग की थी।