बदायूं। रविवार को जिलेभर में आयोजित आरोग्य मेलों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों की अनुपस्थिति, विशेषज्ञों का न पहुंचना और अधूरी मशीनें व्यवस्थाओं की बड़ी खामियों के रूप में सामने आईं।
कहीं-कहीं पर फार्मासिस्ट, आयुष चिकित्सक और अन्य स्टाफ को ही मरीजों का उपचार करना पड़ा। ऐसे में इन मेलों में व्यवस्थाओं की हकीकत एक बार फिर सवालों के घेरे में दिखाई दी। कई मरीज सुबह से लाइन में लगे रहे, लेकिन डॉक्टर समय पर नहीं पहुंचे। वहीं, जांच सुविधाएं भी सीमित रहीं और कई जगह मशीनें बंद पड़ी रहीं।
विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं पहुंचे, आयुष चिकित्सक ने देखे मरीज
दबतोरी। नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर अपराह्न दो बजे तक 47 मरीज इलाज करा चुके थे। यहां आए मरीजों में खांसी, जुकाम, बुखार और बदन दर्द की शिकायतें अधिक रहीं। डॉक्टर के निर्देश पर लैब टेक्नीशियन असर जावेद ने 13 खून की जांचें कीं। इनमें तीन मलेरिया और दो टाइफाइड की जांच शामिल रहीं। सभी रिपोर्ट सामान्य आईं।
इसके अलावा आठ शुगर की जांचें भी की गईं, जिनकी रिपोर्ट भी सामान्य रही। आरोग्य मेले में कोई विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं पहुंचा। ऐसे में आयुष चिकित्सक डॉ. जहीर अहमद ने ही सभी मरीजों को देखा। उनके साथ फार्मासिस्ट समद अली, लैब टेक्नीशियन असर जावेद, वार्ड बॉय कैलाश कुमार और स्वीपर जगदीश मौजूद रहे। हालांकि टीम ने मिलकर मरीजों को सुविधा देने की कोशिश की, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टर की अनुपस्थिति मरीजों में मायूसी का कारण बनी रही।
डॉक्टर समय पर नहीं आए, फार्मासिस्ट ने संभाली जिम्मेदारी
फैजगंज बेहटा। नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर अव्यवस्था साफ तौर पर से देखने को मिली। चिकित्सा अधिकारी डॉ. पारुल सिंह सुबह 11 बजे तक नहीं पहुंचीं। इस दौरान फार्मासिस्ट निशाकर शर्मा मरीजों का परीक्षण करते हुए दवाएं देते रहे। वार्ड बॉय सचिन कुमार के जरिए भी दवा वितरण कराया गया। स्टॉफ नर्स पूनम भी अनुपस्थित रहीं। इससे कर्मचारियों पर अतिरिक्त भार पड़ गया। हालांकि एलटी जावेद अहमद, श्याम सुंदर, होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. प्रियंका कुशवाहा और आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. अनिल कुमार लगातार मरीजों को देखते रहे।
आरोग्य मेले में 70 मरीज पहुंचे, जिनमें ज्यादातर जाड़ा-बुखार, खांसी, खुजली और सांस की समस्या से परेशान थे। वहीं, केंद्र पर लगी हेल्थ केयर मशीन पिछले एक साल से बंद पड़ी है। इंजीनियर के न आने से मशीन अब भी शुरू नहीं हो सकी है। इसके चलते मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा। संवाद
दबतोरी के नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आरोग्य मेले में मरीजों को देखते डॉ. जहीर अहमद। संवा