एनसीडी क्लीनिक में मरीज का विवरण लेता स्वास्द्यथ्यकर्मी। संवाद
बदायूं। जिला अस्पताल में संचालित गैर संचारी रोग नियंत्रण (एनसीडी) क्लीनिक में तनाव से ग्रस्ति युवाओं की संख्या बढ़ी हुई है। पिछले 10 दिनों में 30 से 40 साल के 50 मरीज आ चुके हैं। इनमें हाई बीपी की समस्या है। खास बात यह है कि इन लोगों को पता नहीं है कि वह बीपी की समस्या से जूझ रहें। इसमें से किसी को नौकरी का तो कोई का बीवी से दूर रहने को लेकर तनाव है।
हार्ट अटैक से होने वाली मौत को रोकने के लिए सरकार की ओर से जिला अस्पताल में एनसीडी क्लीनिक चलाई जा रही है। इसमें बीपी और शुगर के मरीजों की स्क्रीनिंग होती। डॉक्टर उनकी काउंसलिंग करते हैं। क्लीनिक के प्रभारी डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि आजकल का युवा घर के खाने के बजाए फास्ट फूड पसंद कर रहा है। यह खानपान दिनचर्या को प्रभावित करता है।
उन्होंने बताया कि पिछले 10 दिन में बीपी के कई मरीज आए। इसमें ज्यादातर युवा थे। इनकी काउंसलिंग से पता चला कि वह बीए करके नौकरी की तलाश कर रहे हैं लेकिन मिल नहीं रही है। इससे उनका बीपी बढ़ा रहता है।
इसी तरह कई शादीशुदा युवा पत्नी से दूर रह रहे हैं। यह बात उनको मन ही मन परेशान कर रही है। इससे भी उनका बीपी बढ़ा हुआ है। ऐसे रोगियों को डॉक्टर ने सलाह दी कि जब भी छुट्टी मिले वह पत्नी के साथ समय बिताएं। ज्यादा से ज्यादा समय अपने परिवार को दें। बीए पास युवाओं को सलाह दी कि वह टेक्निकल कोर्स कर लें और नौकरी के विकल्प तलाशें। हो सके तो खुद का बिजनेस शुरू करें। बताया कि सुबह उठकर योग करें।