दिवाली की तैयारियों को लेकर दुकानदार आतिशबाजी की दुकानें भी गांधी ग्राउंड में दुकान लगाए बैठे हैं। इस बार दुकानदारों को 25 किलोग्राम बारूद रखने का लाइसेंस मिला है, लेकिन अधिकांश दुकानदारों के पास इससे चार गुना अधिक बारूद रखा है। इसकी जांच एवं सुरक्षा में लगे विभागों के अधिकारी जांच के बदले वसूली में लगे हैं। जिले भर में 124 आतिशबाजी की दुकानों के लाइसेंस जारी किए गए हैं, जबकि 60 लाइसेंस केवल शहर में जारी हुए हैं। जिले भर में गली नुक्कड़, तिराहों और चौराहों सब जगह आतिशबाजी की दुकानें लगी नजर आ रही हैं। जिन दुकानदारों को लाइसेंस जारी किए गए हैं, उन लोगों को निर्देश दिए कि 25 किलो बारूद से अधिक आतिशबाजी का सामान नहीं रख सकेंगे, लेकिन दुकानदारों ने अपने गोदामों में स्टॉक करने के अलावा दुकानों पर 25 किलो से अधिक आतिशबाजी का सामान रखा है। बिक्री होने के बाद फिर से उतनी ही आतिशबाजी दुकान पर आ जाती है। ऐसा नहीं है कि वहां पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौजूद नहीं है। सुरक्षा के लिहाज से अग्निशमन, पुलिस और नगर पालिका परिषद के कर्मचारी मौजूद हैं। जांच और निरीक्षण के नाम पर खानापूरी होती है। इसकी हकीकत को गांधी ग्राउंड मैदान पर आसानी से देखा जा सकता है।
जिले में 124 लोगों को आतिशबाजी का सामान बिक्री करने के लाइसेंस दिए गए हैं। सबसे ज्यादा 25 किलो बारूद रखने का लाइसेंस जारी हुआ है। उन लोगों को निर्देश दिए गए थे कि यदि अधिक बारूद पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी। फिर भी इस मामले में जांच कराएंगे। -श्रीराम यादव, सिटी मजिस्ट्रेट