उझानी। मंडी समिति परिसर में खाद्य विभाग (आरएफसी) के दो क्रय केंद्र खोले गए। इन केंद्रों पर गेहूं खरीदते किसी ने नहीं देखा लेकिन अभिलेखों में एक दिन पहले तक 67 सौ क्विंटल गेहूं की खरीद हो गई है।
कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में आरएफसी के दो क्रय केंद्र लगाने के लिए मार्च में ही इफ्को के गोदाम के सामने टिनशेड आवंटित कर दिया गया था। बृहस्पतिवार दोपहर टिनशेड में न तो गेहूं लेकर आने वाले किसान दिखे और न ही वहां आरएफसी के कर्मचारी नजर आए। मंडी परिसर में ही बराबर दूसरे टिनशेड में मौजूद थोक के सब्जी व्यापारियों की मानें तो उन्हें तो एक दिन भी गेहूं की खरीद होती नहीं दिखी। गेहूं की सरकारी खरीद बृहस्पतिवार पूरे दिन कहां हुई, इसे लेकर भी पूरे दिन पसोपेश बना रहा। इसे लेकर दोनों केंद्र के प्रभारी मुकेश कुमार ने फोन पर बताया कि गेहूं की खरीद चल रही है। दोनों केंद्र पर बुधवार शाम तक 67 सौ क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है। बताया कि गेहूं सीधे किसानों से ही खरीदा गया है, लेकिन केंद्र पर कम देहात क्षेत्र में भ्रमण करके ज्यादा खरीद गया। भुगतान किसानों के खाते में सीधे किया जा रहा है।
खुले बाजार में गेहूं का भाव 2500 रुपये के पार
सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं का भाव 2425 रुपये प्रति क्विंटल है। इसके विपरीत मंडी में बृहस्पतिवार अपराह्न तक करीब 2500 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से खरीद हुई। अच्छी गुणवत्ता का गेहूं इससे 10- 15 रुपये अधिक तक बिक गया। मंडी में आढ़त पर गेहूं बेचकर घर लौट रहे किसानों में खिरिया वाकरपुर के चंद्रपाल ने बताया कि खुले बाजार में सरकारी क्रय केंद्र के मुकाबले करीब 75 रुपये प्रति क्विंटल का भाव अधिक मिल रहा है तो झंझट का सामना क्यों करें। चंद्रपाल की तरह की अधिकतर किसान मंडी में आढ़तों की ओर रुख कर रहे हैं।