तहसील परिसर में नाम लिखे साइन बोर्ड के साथ वाहन जैसे बाइक, ट्रैक्टर आदि दिखें तो यह मत समझिए कि यह कोई प्रदर्शनी है। बल्कि यह मानिए कि यह सभी बाकीदार हैं और उनके बाकीदार होने की बदनामी के लिए नाम के साइन बोर्ड के साथ इन्हें प्रदर्शित किया जा रहा है। जिलाधिकारी सीपी त्रिपाठी ने आदेश कर-करेत्तर की बैठक में वसूली पर जोर देते हुए तल्ख अंदाज में निर्देश दिए हैं। सभी एसडीएम को कहा गया कि दो लाख से अधिक बकाया वालों से वसूली संतोषजनक नहीं है। इसे तत्काल बढ़ाया जाए। उन्होंने बाकीदारों को हवालात में बंद कर, अभियान चलाकर चल-अचल संपत्ति की कुर्की के आदेश भी दिए हैं।
जिलाधिकारी ने कर-करेत्तर और राजस्व वसूली की मासिक समीक्षा की। गुरुवार को कलक्ट्रेट सभा कक्ष में एडीएम प्रशासन अशोक कुमार श्रीवास्तव, एडीएम वित्त एवं राजस्व राजेंद्र प्रसाद यादव सहित समस्त एसडीएम और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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सहसवान और दातागंज वसूली में शिथिल
बदायूं। तहसील सहसवान, दातागंज में दो लाख से अधिक के बाकीदारों से वसूली को अबतक कोई कार्रवाई न करने पर नाराजगी जताई और कहा कि कार्य न करने वाले वसूली अमीनों के साथ कोई रियायत न बरती जाए। एसडीएम को निर्देशित किया कि वह एक सप्ताह के अंदर तहसील क्षेत्र का निरीक्षण कर रिपोर्ट उन्हें उपलब्ध कराएं।
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टैक्स वसूली में दो विभाग मंडल टॉप
बदायूं। मुख्य देयों की वसूली में व्यापार कर एवं मनोरंजन विभाग ने मंडल स्तर पर प्रथम स्थान और स्टांप देय, परिवहन, वन विभाग ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। तहसीलों में ग्राम समाज की हर्जाना वसूली की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई।