बदायूं। जिले की स्वास्थ्य सेवाएं लंबे समय से डॉक्टरों की कमी से जूझ रही हैं। जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी और पीएचसी तक मरीजों को पर्याप्त चिकित्सकीय सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं। हालात यह हैं कि जिले में आधे से अधिक नियमित डॉक्टरों के पद खाली पड़े हैं। इन्हें जल्द ही भरा जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले में डॉक्टरों के पद लंबे समय से रिक्त हैं। इसकी वजह से कई केंद्रों पर एक ही डॉक्टर को कई जिम्मेदारियां निभानी पड़ रही हैं। मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है, जबकि कई बार उन्हें जिला अस्पताल या अन्य शहरों के लिए रेफर कर दिया जाता है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से रिक्त पदों को भरने के लिए लगातार शासन स्तर पर मांग भेजी जा रही है।
पिछले दिनों कुछ डॉक्टरों की संविदा पर नियुक्ति की गई थी, जिससे आंशिक राहत मिली। अब विभाग ने फिर से खाली पदों पर संविदा के माध्यम से डॉक्टर रखने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए जल्द अनुमोदन लिया जाएगा। सीएमओ डॉ. श्रीमोहन झा का कहना है कि डॉक्टरों की तैनाती होने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा और मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज मिल सकेगा।
जिले में 45 पीएचसी और 16 सीएचसी
जिले में कुल 45 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और 16 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) संचालित हैं। प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक एलोपैथिक चिकित्सा अधीक्षक की तैनाती का प्रावधान है, जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अधीक्षक समेत करीब पांच डॉक्टरों का स्टाफ होना चाहिए। इसके अलावा जिला अस्पताल में भी सर्जन से लेकर पैथोलॉजिस्ट तक की जरूरत बनी हुई है।