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Budaun News: दातागंज में शाहजहांपुर रोड किनारे बनीं दुकानों पर चला बलडोजर, दुकानदारों में खलबली

Mon, 09 Oct 2023 04:27 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

दातागंज के अरेला मोहल्ले में शाहजहांपुर रोड का करीब तीन सौ मीटर का दायरा काफी संकरा है, जिससे आए दिन यहां जाम लगता है। सड़क का चौड़ीकरण होना है। इसको लेकर दुकानदारों को दुकानें हटाने के लिए नोटिस दिया गया था। नोटिस की मियाद पूरी होने पर दुकानों को ध्वस्त करा दिया गया। 
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बुलडोजर से दुकानों को किया गया ध्वस्त - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बदायूं के दातागंज कस्बे में नोटिस की मियाद खत्म होने के बाद तहसील प्रशासन ने दुकानों पर बुलडोजर चलवा दिया। सोमवार को अरेला मोहल्ले में शाहजहांपुर रोड किनारे बनी दुकानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। कार्रवाई से दुकानदारों में खलबली मची रही। बता दें कि तहसील प्रशासन ने करीब एक सप्ताह पहले मोहल्ले के सभी दुकानदारों को रविवार तक का अल्टीमेटम दिया था। 
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उन्हें बताया गया था कि सभी दुकानदार स्वयं अपनी-अपनी दुकानें तोड़ लें। इसके बाद सभी दुकानें ढहाकर सड़क चौड़ी कराई जाएगी। कुछ दुकानदारों ने अपनी दुकानें खुद ही तोड़ ली थीं, लेकिन कई लोग इसके विरोध में थे। तहसील प्रशासन की टीम ने सोमवार को सड़क चौड़ीकरण के जद में आने वाली दुकानों को ध्वस्त करा दिया। इस दौरान पुलिस प्रशासन मौजूद रहा।

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सड़क संकरी होने के कारण लगता था जाम 
अरेला मोहल्ले में शाहजहांपुर रोड का करीब तीन सौ मीटर का दायरा काफी संकरा है। रास्ता इतना पतला है कि केवल एक ही समय में एक बड़ा वाहन गुजर सकता है। फिर उससे कोई कार या बाइक तक ओवरटेक नहीं कर सकती। इस कारण यहां आए दिन जाम लगता है। शाहजहांपुर और लखनऊ जाने वाले अधिकतर वाहन इधर से ही निकलते हैं। 


 
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तहसील प्रशासन कई बार अतिक्रमण हटाने का विचार कर चुका था। पिछले दिनों मोहल्ले के व्यापारियों ने अपने रोजगार की दुहाई देते हुए तहसील प्रशासन से कोई दूसरा रास्ता निकालने की मांग की थी। व्यापारियों ने कहा था कि इस तीन सौ मीटर के दायरे में करीब ढाई सौ दुकानें हैं। यह दुकानें टूटने से उनका रोजगार छिन जाएगा। 

दुकानों के साथ तीन धर्मस्थल भी जद में आ रहे हैं। इनमें दो मंदिर और एक मस्जिद शामिल है। बताया जा रहा है कि एक मंदिर का कुछ हिस्सा ही इसमें आएगा लेकिन शेष दोनों धर्मस्थल पूरी तरह से चपेट में आ सकते हैं। उनमें कई दुकानें भी बनी हुई हैं। धर्मस्थल हटाने के मामले में भी किसी का विरोध सामने नहीं आया है।
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