फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sawan 2023: श्री सहस्रधाम गौरीशंकर मंदिर में स्थापित है पारे और सोने से बना शिवलिंग; यह है मान्यता

Fri, 14 Jul 2023 06:25 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

गौरीशंकर मंदिर के पुजारी कृष्ण के मुताबिक मंदिर को जिस खास शिवलिंग (रसलिंग) के लिए जाना जाता है, वह पारे व सोने से बना है। विश्व का ऐसा दूसरा शिवलिंग केवल नेपाल के पशुपतिनाथ में ही है।
विज्ञापन
गौरीशंकर मंदिर में शिवलिंग की पूजा करते पुजारी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बदायूं का श्री सहस्रधाम गौरीशंकर देवालय श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है। यहां की खासियत मंदिर में स्थापित पारे का बना रसलिंग (शिवलिंग) है। सावन में यहां शिवभक्तों की भीड़ उमड़ रही है। हजारों कांवड़िये गंगाजल लाकर भगवान शिव का अभिषेक करते हैं।

विज्ञापन


शहर के उसावां रोड पर मंडी समिति के पास स्थित गौरीशंकर मंदिर की स्थापना वर्ष 2000 में रामशरण रस्तोगी ने की थी। मंदिर के मुख्य पुजारी कृष्ण नेपाली मूल के हैं, उनके साथ असम से पुजारी भीष्म भी हैं। यह दोनों 2017 से यहां पर पांडित्य कर्म कर रहे हैं। 

ये भी पढ़ें- शारदा का कहर: ताश के पत्तों की तरह ढह गया स्कूल, 15 सेकंड में मंदिर भी नदी में समाया; देखें VIDEO
विज्ञापन


पुजारी कृष्ण के मुताबिक मंदिर को जिस खास शिवलिंग (रसलिंग) के लिए जाना जाता है, वह पारे व सोने से बना है। विश्व का ऐसा दूसरा शिवलिंग केवल नेपाल के पशुपतिनाथ में ही है। वहां की तर्ज पर ही गौरीशंकर देवालय में भी पूजा पाठ होता है। मान्यता है कि इस रसलिंग के स्पर्श, पूजन से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।


 

विज्ञापन

श्री सहस्रधाम गौरीशंकर मंदिर - फोटो : अमर उजाला

ऐसे पहुंचे गौरीशंकर मंदिर

रेलवे स्टेशन से मंदिर जाने के लिए सबसे पहले ओवरब्रिज के पास पहुंचेंगे। उसके बाद में ओवरब्रिज के नीचे या ऊपर से आवास विकास कॉलोनी की तरफ जाने पर करीब आधा किलोमीटर दूर तिराहे के पास में सहस्रधाम गौरीशंकर देवालय स्थित है।

रोडवेज बस स्टैंड से मंदिर जाना हो, तो पहले भामाशाह चौक (पुलिस लाइन चौराहा) पहुंचना होगा। उसके बाद में ओवरब्रिज के ऊपर से आवास विकास कॉलोनी होते हुए गौरीशंकर मंदिर पहुंच सकते हैं।

ये भी पढ़ें- Sawan 2023: कांवड़ यात्रा के चलते इस जिले में 15 से 17 जुलाई तक बंद रहेंगे 12वीं तक के सभी स्कूल; आदेश जारी

कछला से अगर मंदिर जाना हो, तो कछला से उझानी तथा वहां से शहर में लालपुल होते हुए एंट्री करनी होगी। उसके बाद में महाराणा प्रताप चौक (कचहरी तिराहा) पहुंचना होगा। वहां से दो रास्ते मंदिर जाने के है। वहां से सीधे मुख्य डाकघर, अंडरपास के अंदर से होते हुए नेकपुर, उसके बाद में रानी लक्ष्मीबाई चौक (डीएम चौराहा), विकास भवन होते हुए मंदिर पहुंच सकते हैं। 

महाराणा प्रताप चौक से भामाशाह चौक (पुलिस लाइन चौराहा) पहुंचना होगा। उसके बाद में ओवरब्रिज के ऊपर से आवास विकास कॉलोनी होते हुए गौरीशंकर मंदिर पहुंच सकते हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें