फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिक्षामित्रों ने फिर उठाया प्रमोशन का मुद्दा, हंगामा

Mon, 27 Apr 2015 07:30 PM IST
badaun
विज्ञापन
विज्ञापन
हाल ही में हुई शिक्षामित्रों की काउंसिलिंग के बाद शिक्षामित्रों ने प्रमोशन में हो रही देरी को देखते हुए मुद्दे को तूल दे दिया। सोमवार को दफ्तर पर पहुंचे शिक्षामित्र एसोसिएशन के पदाधिकरियों ने जल्द प्रमोशन की सूची आउट करने की मांग रखी तो हंगामा काटते हुए लचर व्यवस्था को सुधारने की भी बात कहीं। आरोप लगाए कि विभाग जानबूझकर देरी कर शिक्षामित्रों का शोषण कर  रहा है। हालांकि बीएसए ने कार्रवाई को गतिमान बताते हुए 15 मई तक प्रमोशन किए जाने का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन

शासन के आदेशानुसार 30 अप्रैल तक शिक्षामित्रों को समायोजित किया जाना था। वहीं शिक्षकों के प्रमोशन भी किए जाने थे, लेकिन शिक्षामित्रों की संख्या के सापेक्ष पद कम होने के कारण मामला शुरूआत में बिगड़ता नजर आने लगा। शिक्षामित्रों ने एक साथ सभी का समायोजन की मांग करते हुए पहले प्रमोशन कराने की मांग की। इसके लिए दो दिन बीएसए दफ्तर के गेट पर बैठकर हंगामा भी काटा। आश्वासन के बाद हंगामा शांत हुआ।
वहीं बीएसए कृपा शंकर वर्मा ने निर्णय लेते हुए एकदम विज्ञप्ति जारी कराकर काउंसिलिंग के निर्देश जारी कर दिए। लिहाजा चार दिन तक सभी शिक्षामित्रों की काउंसिलिंग करा दी गई, लेकिन नियुक्ति पदों के सापेक्ष ही दिए जाने की बात सामने आने लगी। इसे देखते हुए सोमवार को पुन: शिक्षामित्र एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रमोशन की मांग उठा दी। उन्होंने बाबुओं के पास जाकर हंगामा भी काटा। कहा कि वह जल्द सूची तैयार कर बीएसए के समक्ष पेश करें। ताकि प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू हो सके और सभी शिक्षामित्र समायोजित हों सकें।
विज्ञापन

इधर, बीएसए से भी वार्ता की। शिक्षामित्रों ने बताया कि बीएसए ने जल्द प्रमोशन कराने का आश्वासन दिया है। वहीं बीएसए के अनुसार 15 मई तक प्रमोशन प्रक्रिया पूरी करा ली जाएगी। बताया कि आपत्तियां देर से आने के कारण सूची में संशोधन करने में परेशानी आ रही हैं। इस मौके पर जिलाध्यक्ष निर्भान सिंह यादव, रवेंद्र सिंह सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

बाबुओं पर लगाया सहयोग न करने का आरोप
बदायूं। शिक्षामित्र तथा इनके साथ रहे शिक्षक नेताओं ने बाबुओं पर सहयोग न करने का आरोप लगाया है। बताया कि बाबुओं की लचर व्यवस्था के चलते काम में देरी हो रही है। बताया कि अगर शिथिलता रहीं तो वह इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से भी करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें