राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद 20 वर्ष के बाद फिर इतिहास दोहराएगा। 2016 तक राज्य कर्मी केंद्र के समान भत्तों की समानता कराकर ही चैन की सांस लेंगे। विभिन्न विभागों में व्याप्त वेतन विसंगतियों को दूर कराने के लिए वृहद स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। यह जानकारी लखनऊ में हुई प्रांतीय बैठक में शिरकत कर लौटे जिला संयोजक मोहन स्वरूप गुप्ता ने दी। उन्होंने बताया कि परिषद के प्रदेश अध्यक्ष हरि किशोर तिवारी ने आंदोलन का ऐलान कर दिया है। आगामी 23 जुलाई को लखनऊ में रैली निकालकर चेतावनी दी जाएगी, अगर सरकार नहीं चेती तो अगले चरण के आंदोलन की घोषणा बाद में की जाएगी।
जिला संयोजक ने कहा कि सरकार को 20 सूत्री मांगों को पर सहानुभूति पूर्वक विचार करना चाहिए। कोर्ट ने भी ऐसा करने को कहा था ,लेकिन सरकार ने ऐसा न करके कर्मचारियों का पक्ष मजबूत किया है। अब प्रदेश सरकार कर्मियों की हड़ताल को अवैध नहीं घोषित कर पाएगी।