बदायूं के डॉक्टर दंपती को बंधक बनाकर हुई लूटपाट के मामले में एसएसपी डॉ. ओपी सिंह ने लापरवाही पर इंस्पेक्टर कोतवाली राजीव तोमर समेत सात पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है। इनमें इंस्पेक्टर क्राइम सहंसरवीर सिंह, चौकी इंचार्ज उपदेश कुमार, एसआई विनय कुमार, बीट सिपाही सुमित कुमार, विक्रांत कुमार और पीआरवी पर तैनात सिपाही कमल किशोर शामिल हैं। इनके खिलाफ एसपी देहात अजय प्रताप सिंह को विभागीय जांच सौंपी है।
बता दें कि बुधवार शाम बदमाशों ने जोगीपुरा मोहल्ला में डॉक्टर सुरेंद्र गोविल और उनकी पत्नी मृदुला गोविल को उनके घर में ही बंधक बनाकर 40 हजार रुपये, एक सोने की चेन, कुंडल और मोबाइल लूट लिए थे। सूचना पर बृहस्पतिवार दोपहर करीब एक बजे एडीजी पीसी मीणा और आईजी डॉ. राकेश सिंह डॉक्टर दंपती के घर पहुंचे। काफी देर तक बातचीत की और फिर कार से बरेली रवाना हो गए।
ये भी पढ़ें- यूपी में बड़ी वारदात: मरीज बनकर आए बदमाश... डॉक्टर दंपती को बंधक बनाकर पीटा, लूटपाट कर हुए फरार
हर स्तर पर लापरवाही
शहर में डॉक्टर दंपती से लूटपाट के मामले में यूपी 112 पुलिस के सिपाही से लेकर कोतवाली इंस्पेक्टर तक की लापरवाही सामने आई है। इसमें प्राथमिक जांच सीओ उझानी से कराई गई थी।
इंस्पेक्टर कोतवाली राजीव कुमार तोमर : पुलिस व्यवस्था में फेल, प्रभावी गश्त न करा पाना, चेकिंग का अभाव
इंस्पेक्टर क्राइम सहंसरवीर सिंह : अपराध नियंत्रण में फेल, मुखबिर तंत्र कमजोर
चौकी इंचार्ज उपधेश कुमार : सिपाहियों पर निर्भर, गश्त में कमजोर, क्षेत्रीय जानकारी का अभाव
एसआई विनय कुमार : अपनी जिम्मेदारियों का पालन न करना, सिपाहियों पर नियंत्रण कमजोर, क्षेत्र की जानकारी नहीं
बीट आरक्षी सुमित और विक्रांत : बीट क्षेत्र में सक्रिय न रहना, लोगों से जानकारी न करना
पीआरवी का सिपाही कमल किशोर : सूचनाओं को गंभीरता से न लेना, पर्याप्त गश्त न करना, नंबर व्यस्त रखना