बदायूं में जयमाल के समय दुल्हन को दूल्हे के दिव्यांग होने की जानकारी हुई तो उसने शादी करने से मना कर दिया। इसके बाद शादी की खुशियों पर ग्रहण लग गया। बरात भी लौट गई, लेकिन दुल्हन के पिता ने साफ तौर पर बेटी से कह दिया कि अगर शादी नहीं की तो वह भी घर में नहीं रहेगा। आत्महत्या कर लेगा। मंगलवार को फिर से दूल्हे को बुलाकर उसकी शादी संपन्न कराने के बाद उसे राजी खुशी विदा किया गया।
बिसौली कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती की बरात रविवार रात को आई थी। शादी में आए लोगों ने खाना खाया। बरात चढ़ी और जयमाल के लिए दूल्हा-दुल्हन पहुंच गए। दुल्हन को पता लगा कि दूल्हा दिव्यांग है। इसके बाद उसने शादी करने से मना कर दिया। दुल्हन को समझाया गया, लेकिन वह नहीं मानी।
सोमवार सुबह तक जब दुल्हन नहीं मानी तो दूल्हा परिवार के साथ बिना दुल्हन के ही बरात लेकर चला गया। इस बात से परेशान होकर दुल्हन के पिता भी घर से निकलकर कहीं चले गए। परिवार के लोग उनको तलाश करने में लग गए। मंगलवार को उनको तलाशकर घर लाया गया।
मंगलवार को कराई गई शादी
पिता ने बेटी से कहा कि समाज में उनकी बदनामी हो रही है। अगर शादी नहीं की तो वह भी जिंदा नहीं रहेगा। इस पर युवती शादी के लिए तैयार हो गई। मंगलवार को ही दूल्हे को बुलाकर शादी संपन्न कराके बेटी को विदा कर दिया गया। तब कहीं जाकर दोनों परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली है। पुलिस को किसी ने इसकी सूचना नहीं दी है।