प्राचीन रामलीला का शुभारम्भ करते एसडीएम। संवाद
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बिसौली। 174 साल पुरानी प्राचीन रामलीला का एसडीएम ने शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि रामायण काल के सभी चरित्र हमें जीवन जीने की कला सिखाते हैं। गांव दिसौलीगंज में रामलीला के दूसरे दिन सीता स्वयंवर व परशुराम लक्ष्मण संवाद का मंचन हुआ।
जिले की सबसे प्राचीन 174 वर्ष पुरानी प्राचीन रामलीला बिसौली की बताई जाती है। जिसका शुभारंभ एसडीएम डॉ. राजेश कुमार ने किया। चेयरमैन अबरार अहमद ने कहा कि उनका इस आयोजन से पुराना जुड़ाव रहा है। वह रामलीला कमेटी का आगे भी यथासंभव सहयोग करते रहेंगे। कमेटी के पदाधिकारियों ने एसडीएम, पालिकाध्यक्ष व चौकी इंचार्ज को स्मृति चिह्न भेंट किए।
पहले दिन कमेटी के स्थानीय कलाकारों ने भगवान राम के जन्म का भावपूर्ण मंचन किया। इस मौके पर कमेटी अध्यक्ष मिथिलेश कुमारी, जगतपाल मिश्रा, जगदीश राजौरिया, सुभाष राजौरिया, गोभीबल्लभ मिश्रा, सभासद दीपक पाठक, चंद्रपाल शर्मा आदि प्रमुखता से मौजूद रहे। इधर ग्राम दिसौलीगंज में आदर्श रामलीला कमेटी के तत्वावधान में चल रही रामलीला में धनुष यज्ञ, सीता स्वयंवर व लक्ष्मण परशुराम संवाद का मंचन किया गया। इस मौके पर अध्यक्ष रामऔतार गुप्ता, ब्रजनंदन तिवारी, लाला महेश पाल सिंह, मास्टर मुंशीलाल, अनेकपाल सिंह, संजीव सिंह, मुनेश, कुमरसेन आदि उपस्थित रहे।
दिसौलीगंज में दूसरे दिन सीता स्वयंवर का मंचन। संवाद- फोटो : BADAUN