पिछले कई वर्षों से अवैध रुप से जोत रहे पट्टों की भूमि को एसडीएम विधान जायसवाल ने क्षेत्र के 22 गांवों के करीब 152 किसानों के पट्टे तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए। जिससे पट्टेदारों में हड़कंप मचा है। एसडीएम ने बताया कि शासन के निर्देश पर ऐसे आसामी पट्टों का सत्यापन कराया जा रहा है। जिनको पांच वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है और उन पट्टों की भूमि को अब तक मुक्त नहीं किया है। ऐसे पट्टों को जांच के बाद निरस्त कराया जा रहा है।
तहसील क्षेत्र में एसडीएम ने बताया पिछले दिनों तहसील की राजस्व की टीम ने कराएं सत्यापन आसामी पट्टों की जांच कराई। जिसमें क्षेत्र के गांव लश्करपुर ओईया-7, स्वदेशपुर-3, कोहरा-4, खुशहालपुर-1, धर्मपुर-2, उदयपुर-1. फिरोजपुर गुमराह-13, सुराई-30, रुदायन प्रथ्वी सिंह पट्टी-7, रुदायन मायासिंह पट्टी-6, शराह बरोलियां-1, सदरउद्दीननगर-8 पटटों से आठ हेक्टेयर एवं इससे पहले सरैरा, मईकला, नदेरी, भगवंतनगर, सोहरा, नौगवां, छितरपुर महरोला, सादतनगर, कृपालपुर, छिबऊकलां के 38 किसानों से करीब साढे आठ हेक्टेयर भूूमि के पट्टे निरस्त कर मुक्त कराया है। एसडीएम ने बताया इन पट्टों से प्राप्त भूमि की कीमत करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये आंकी गई है। भूमि को श्रेणी तीन में दर्ज कराया जा रहा है। ताकि राजस्व विभाग द्वारा कार्य में लाई जा सके। एसडीएम ने बताया कि क्षेत्र में ऐसे पट्टेदारों के सत्यापन का कार्य चल रहा है।