डीएम ने बैठक में कसे अधिकारियों के पेच
हाईकोर्ट से रोक के बावजूद जिले में धड़ल्ले से हो रहे अवैध खनन के मामले में डीएम का रवैया सख्त हो गया है। डीएम ने बैठक में एसडीएम, सीओ और तहसीलदारों के जमकर पेच कसते हुए कहा कि सभी अधिकारियों को उनके क्षेत्र में अवैध खनन न होने का प्रमाण पत्र देना होगा। इसके बावजूद खनन हुआ तो उस अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
सोमवार को जिलाधिकारी पवन कुमार शिविर कार्यालय में एडीएम वित्त एवं राजस्व हवलदार यादव, एडीएम प्रशासन अजय श्रीवास्तव, नगर मजिस्ट्रेट श्रीराम यादव के साथ ही एसडीएम और तहसीलदारों के साथ बैठक की। इसमें जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसी क्षेत्र से उन्हे अवैध खनन की जानकारी मिली तो, एसडीएम, तहसीलदार और सीओ की जवाबदेही तय की जाएगी। दैवीय आपदा राहत राशि वितरण में तुरंत भुगतान करने के लिए कहा। डीएम ने कार्यालयों, सीएचसी एवं पीएचसी का प्रतिदिन औचक निरीक्षण कराने के निर्देश दिए। न्यायालयों में पांच वर्षों से पुराने मुकदमों का वरीयता के आधार पर निस्तारण करने के निर्देश दिए।
निर्वाचन संबंधी कार्यों में एसडीएम और तहसीलदार कानूनगो और लेखपालों पर ही आश्रित न रहें। स्वयं सभी मतदान केंद्रों का भ्रमण कर खामी समय रहते दुरुस्त करा लें। निर्वाचक नामावलियों के संक्षिप्त पुनरीक्षण में फार्म छह, सात एवं आठ की कमी न होने पाए। मृृृत, शादी के बाद दूसरे स्थानों से आने वाली नई महिला मतदाता और विकलांगजनों की सूची प्रत्येक मतदान केंद्र पर तैयार की जाए। एक जनवरी 2017 को 18 वर्ष का युवक-युवती मतदाता बनने से वंचित न रहने पाए।