राशन वितरण में किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। गड़बड़ी मिलने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कोटेदारों, थोक विक्रेताओं और गोदाम प्रभारियों की बैठक में एसडीएम ने सभी के पेच कसे।
तहसील सभागार में हुई बैठक में तेल के थोक विक्रेताओं, गोदाम प्रभारियों और कोटेदारों से एसडीएम ओपी तिवारी और एआरओ शैलेंद्र कुमार ने कहा कि शासन की मंशा राशन प्रणाली में पूरी तरह से पारदर्शिता बरतने की है। पारदर्शिता लाने को थोक विक्रेताओं और गोदाम प्रभारियों को पहल करनी होगी। कोटेदार पूरी राशन सामग्री उठाए और उपभोक्ता को पूरी मापतौल में दे। बैठक में खंड शिक्षा अधिकारियों को भी सचेत किया गया। वितरण तिथि पर विभाग कर्मी दुकान पर अपनी निगरानी में वितरण कराए किसी तरह की गड़बड़ी की सूचना अधिकारियों को दें। केंद्र सरकार की खाद्य सुरक्षा योजना के तहत नगरीय क्षेत्र में वार्ड और गांव में ग्राम पंचायत स्तर पर सार्वजनिक स्थल पर राशन कार्ड धारकों और उनकी केटेगरी की सूची चस्पा होगी। 15 फरवरी तक आपत्तियों का निस्तारण होगा और 27 फरवरी को सूची सरकार को सौंपी जाएगी।
पूर्ति विभाग की टीम ने किया निरीक्षण
बिल्सी। शासन के निर्देश पर एसडीएम विधान जायसवाल के नेतृत्व में पूर्ति निरीक्षक राहुलदीप गुप्ता और प्रभारी तहसीलदार प्रीतपाल सिंह चौहान ने क्षेत्र में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत अभियान चलाकर लोहिया गांवों में जाकर राशन दुकानों का निरीक्षण किया। सबसे पहले क्षेत्र के गांव वैन में निरीक्षण किया गया। जहां पर कोटेदार रजनेश यादव मौके पर मौजूद नहीं मिले। गांव बादशाहपुर में कोटेदार महेंद्र सिंह, नगला सालार की कोटेदार सावित्री देवी, नैथुआ के सोमेंद्र माहेश्वरी एवं कुआंडाडा नन्हे सिंह की दुकानों को देखा। यहां सूचियां एवं तराजू-बांट अमानकीय पाएं गए। इन कमियों को मद्देनजर सभी को आरोप पत्र जारी किए गए है।
कोटेदार की मनमानी
से ग्रामीण परेशान
नूरपुर पिनौनी। क्षेत्र के गांव गढ़ी खानपुर में कोटेदार की मनमानी से ग्रामीण परेशान है। आरोप है कि संबंधित कोटेदार राशन का वितरण सुचारू रूप से नहीं करता है। जिससे ग्रामीणों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से करने की बात कही है।
बीपीएल और अंत्योदय
के पात्र भरेंगे प्रपत्र
बदायूं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 लागू करने के लिए जिले में पात्रों के राशन कार्ड बनवाए जाने के लिए दिशा निर्देश दिए गए हैं।
यह जानकारी देते हुए डीएसओ सत्यदेव ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के पात्र ग्राम सचिव और लेखपाल और शहरी क्षेत्र के पात्र नगर पालिका और नगर पंचायतों से निर्धारित प्रपत्र भरवा लें।