गुस्साए तीमारदारों की स्वास्थ्य कर्मियों से हाथापाई
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गुस्साए तीमारदारों की स्वास्थ्य कर्मियों से हाथापाई
मृत बालिका सोनाक्षी के रिश्तेदारों ने लगाया लापरवाही का आरोप
सड़क हादसे में घायलों को लेकर लोग जब अस्पताल पहुंचे उस वक्त इमरजेंसी रूम में स्वास्थ्य कर्मियों समेत डॉक्टरों की संख्या कम थी। घायलों को इलाज भी वक्त पर नहीं मिल पाया। इससे गुस्साए मृत बालिका सोनाक्षी राठौर के घरवालों का गुस्सा फूट पड़ा। इस दौरान उन्होंने डॉक्टर और दो स्वास्थ्य कर्मियों से हाथापाई कर दी। स्वास्थ्य कर्मियों ने कोतवाली की शरण ली। पुलिस ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया। घायल चोखेलाल इमरजेंसी रूम के पास ही दर्द से कराहता रहा। उसी दौरान बदायूं से कई लोग अस्पताल पहुंचे। उस वक्त स्वास्थ्य कर्मी एक घायल का इलाज चबूतरे पर इलाज करते मिले। बदायूं के लोगों की नजर मृत बालिका सोनाक्षी पर पड़ी तो वह भड़क गए। उन्होंने इलाज में देरी की वजह से सोनाक्षी की मौत हो जाने की बात कही तो एक डॉक्टर ने अपना पक्ष रखना शुरू कर दिया। कहासुनी के दौरान गुस्साए लोगों ने डॉक्टर से हाथापाई कर दी। स्वास्थ्य कर्मियों को भी नहीं बख्शा गया। बाद में स्वास्थ्य कर्मियों ने भागकर कोतवाली पुलिस की शरण ली। बाद में पुलिस स्वास्थ्य कर्मियों को लेकर अस्पताल पहुंची तब कहीं जाकर घायलों का इलाज फिर से शुरू हो पाया। अस्पताल में काफी देर तक हंगामा भी होता रहा। बता दें कि जिस वक्त घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, तब चिकित्साधीक्षक मौजूद नहीं थे। डॉक्टरों में निरंजन सिंह और राजकुमार गंगवार के साथ स्वास्थ्य कर्मियों में नथनसिंह और शिवम रस्तोगी आदि थे।
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जिला अस्पताल बना छावनी, जमे रहे अफसर
बदायूं। सड़क हादसों में चार लोगों की मौत और 25 से ज्यादा के घायल होने के बाद उझानी सीएचसी पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए डॉक्टरों से हाथापाई के बाद जिला अस्पताल में सुरक्षा बढ़ा दी गई। यहां कई थानों के फोर्स के साथ पीएसी को बुला लिया गया। हादसे की खबर मिलने पर प्रभारी डीएम सीडीओ अच्छे लाल यादव, एसएसपी महेंद्र यादव, सिटी मजिस्ट्रेट श्रीराम यादव, एसपी सिटी अनिल यादव, सीओ सिटी अभिषेक यादव फोर्स के साथ जिला अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल में घायलों के पहुंचने से पहले व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त करा दिया गया।