अमर उजाला के दोस्त पुलिस कार्यक्रम के तहत कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल की छात्राओं ने सोमवार को महिला थाने में पहुंचकर पुलिस के कामकाज का तरीका जाना। छात्राओं ने विभिन्न पटलों पर जाकर जानकारी ली। इस दौरान इंस्पेक्टर ज्योति सिंह ने छात्राओं को विभिन्न जानकारी दी।
बदायूं में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय नगरीय क्षेत्र की छात्राओं ने सोमवार को अमर उजाला के दोस्त पुलिस कार्यक्रम के तहत महिला थाने का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस के कामकाज का तरीका करीब से जाना और यह समझा कि थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद आगे की कार्रवाई किस तरह होती है?
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महिला थाना प्रभारी निरीक्षक प्रभारी ज्योति सिंह ने छात्राओं को बताया कि किसी भी अपराध की सूचना दर्ज कराने के लिए सबसे पहले एफआईआर लिखी जाती है। इसके बाद विवेचना की जाती है और आरोपियों के खिलाफ सबूत जुटाए जाते हैं। महिला पुलिसकर्मियों ने छात्राओं को महिला अपराधों की रोकथाम और कानूनी अधिकारों के बारे में जागरूक किया।
हेल्प लाइन नंबरों की दी जानकारी
महिला थाना प्रभारी ने कहा कि हमारी प्राथमिकता महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा है। किसी भी तरह की समस्या होने पर तुरंत शिकायत करें। आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी और कार्रवाई में ढिलाई नहीं होगी। छात्राओं को थाने के सीयूजी नंबर, डायल-112 और वूमेन हेल्प लाइन नंबर 1090 जैसी सेवाओं की जानकारी भी दी गई। वहीं, पुलिसकर्मियों ने कहा कि स्कूल आते-जाते समय अगर कोई परेशान करता है तो तुरंत इसकी शिकायत करें।
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कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने सवाल-जवाब भी किए। छात्रा पूनम ने पूछा कि शिकायत दर्ज कराने में कितना समय लगता है। इस पर पुलिस अधिकारी ने जवाब दिया। कहा कि शिकायत दर्ज करना बहुत आसान है। अधिकतर मामलों में कुछ ही मिनटों में एफआईआर दर्ज हो जाती है। यदि मामला गंभीर है तो तुरंत कार्रवाई की जाती है।