बदायूं। कोरोना संक्रमण की वजह से देशभर में शैक्षिक संस्थानों को बंद किया गया है। ऐसे में शासन ने कक्षा एक से नौ और 11 वीं के विद्यार्थियों को अगली कक्षा के लिए प्रोन्नत कर दिया है। वहीं सत्र 2020-21 में विद्यालयों द्वारा शुल्क में वृद्धि न किए जाने को लेकर बीएसए ने निर्देश दिए हैं। कहा कि ऐसे में कोई भी स्कूल फीस में बढ़ोतरी नहीं करेंगे। बीएसए रामपाल सिंह राजपूत ने अभिभावकों से बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाने की भी अपील की है।
कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर देशभर में लॉकडाउन जारी है। ऐसे में अन्य गतिविधियों के साथ शैक्षिक संस्थान भी बंद हैं। उम्मीद है कि अब स्कूल ग्रीष्म काल के अवकाश के बाद ही खुलेंगे। वहीं लंबे समय से चल रहे लॉकडाउन की वजह से अभिभावकों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति भी बन आई है। ऐसे में बीएसए ने प्राइवेट स्कूल संचालकों से कहा कि वह इस सत्र में फीस में वृद्धि न करें। अगर शुल्क वृद्धि की शिकायत आती है तो संबधित स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही बीएसए ने अभिभावकों से अपील की है कि वह अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाएं। बीएसए ने कहा कि सरकारी स्कूल में पढ़े लोग अच्छे पदों पर तैनात हैं। जबकि सरकारी स्कूल में कक्षा एक से आठ तक कोई फीस नहीं ली जाती है। साथ ही बच्चों को अच्छे भवन, पर्याप्त फर्नीचर, मुफ्तड्रेस, पुस्तकें, मिड डे मील की व्यवस्था है। इसके साथ ही स्मार्ट कक्षाएं भी शुरू की जा रही हैं।
कोरोना वायरस को देखते हुए प्रदेश सरकार ने फीस बढ़ोतरी नहीं करने का आदेश दिया है। हमारे यहां किसी भी कक्षा में फीस की बढ़ोतरी नहीं की गई है। - प्रविता यादव, प्रधानाचार्य, मदर एथिना स्कूल
शासन के निर्देशों का पालन करते हुए हमारे कॉलेज में किसी भी कक्षा की फीस नहीं बढ़ाई गई है। शासन-प्रशासन के नियमों के अनुरूप ही काम किया जाएगा। - सीएस यादव, प्रधानाचार्य, महर्षि विद्या मंदिर स्कूल
कोरोना वायरस वैश्विक महामारी घोषित की गई है, ऐसे में कोई भी स्कूूल फीस में बढ़ोतरी न करें। साथ ही अभिभावकों से अपील है कि वह अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाएं। यहां पर भी बच्चों को तमाम सुविधाएं दी जाती हैं। - रामपाल सिंह राजपूत, बीएसए