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Budaun News: अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश के विद्वानों ने साझा किए विचार

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राजकीय डिग्री कॉलेज में आयोजित सम्मेलन में मंच पर मौजूद अति​थि। स्रोत कॉलेज - फोटो : आजमगढ़पुरवा में वन विभाग के पिंजरे में कैद तेंदुआ।
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बदायूं। राजकीय महाविद्यालय व एकेडमिक सोसाइटी फॉर ह्यूमैनिटीज एंड लिटरेरी रिसर्च के संयुक्त तत्वावधान में तीन-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरीके से किया गया। इसमें पहले दिन ज्ञान और शोध का अद्भुत संगम देखने को मिला। हाइब्रिड मोड में आयोजित इस सम्मेलन में देश-विदेश के प्रख्यात शिक्षाविदों ने अपनी उपस्थिति से सत्रों को गौरवान्वित किया।
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उद्घाटन सत्र का शुभारंभ मुख्य अतिथि उप्र अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज, राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने किया। उन्होंने शोध की अंतःविषय प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए इसे समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया। सम्मेलन के प्रथम दिन चार मुख्य व्याख्यान आयोजित किए गए।
दादरी के मिहिर भोज पीजी कॉलेज प्राचार्य प्रो. किशोर कुमार ने इतिहास, साहित्य, कला और विज्ञान के अंतर्संबंधों पर चर्चा करते हुए बताया कि मानवीय सभ्यता को समझने के लिए इन विषयों का आपस में समन्वय अनिवार्य है। बीसलपुर के राजकीय महाविद्यालय के डॉ. विकास प्रधान ने ‘विकसित भारत : मार्ग एवं साधन’ विषय पर राष्ट्र निर्माण में शिक्षा और नवाचार की भूमिका पर बल दिया।
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इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्ट्डी की पूर्व अध्यक्ष व एमजीएस यूनिवर्सिटी की पूर्व कुलपति प्रो. चंद्रकला पाडिया ने सामाजिक विज्ञान और मानविकी में वैश्विक संवाद की आवश्यकता बताई। उन्होंने भारत की वैचारिक विरासत को वैश्विक पटल पर रखने पर जोर दिया।
अंतरराष्ट्रीय अतिथि वक्ता के रूप में इंटरनेशनल विजन यूनिवर्सिटी, गोस्तिवार, नॉर्थ मैसेडोनिया की प्रोफेसर डॉ. डायना जॉर्जिएवा ने बदलते वैश्विक परिवेश में नागरिक कानून की जटिलताओं और समाधानों पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर विधिक प्रक्रियाओं के बदलते स्वरूप पर वैश्विक दृष्टिकोण साझा किया।
तकनीकी सत्रों के दौरान भारत के विभिन्न राज्यों से आए 30 से अधिक शोधार्थियों ने अपने शोध पत्रों का वाचन किया। ऑफलाइन और ऑनलाइन माध्यमों के संयोजन से शोधार्थियों ने डेटा और निष्कर्षों के माध्यम से समाज के विभिन्न पहलुओं पर नवीन अंतर्दृष्टि प्रदान की।
संचालन डॉ. ज्योति विश्नोई ने किया। इस मौके पर राजकीय डिग्री कॉलेज प्राचार्य डॉ.श्रद्धा गुप्ता, डॉ. सचिन कुमार सिंह, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. सतीश सिंह यादव, डॉ. गौरव कुमार सिंह, डॉ. राकेश कुमार जायसवाल, डॉ. दिलीप कुमार वर्मा, डॉ. हुकुम सिंह, डॉ. सारिका शर्मा आदि ने सहयोग प्रदान किया।
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