गुलड़िया के पास धर्मकांटे पर चल रहा अवैध गन्ना सेंटर पर 160 से 190 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा जा रहा है जबकि सरकारी मूल्य 315 रुपये है। नकद भुगतान होने पर किसान माफिया के चंगुल में फंस जाते हैं। बुधवार को इसकी जानकारी किसी ने डीएम कुमार प्रशांत को दे दी। जानकारी मिलते ही डीएम ने एसडीएम सदर पारसनाथ मौर्य और सीओ उझानी सर्वेंद्र सिंह को मौके पर भेज दिया।
अधिकारियों के पहुंचते ही वहां पर भगदड़ मच गई। गन्ना माफिया मौके पर से फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने किसानों पर लाठियां फटकारनी शुरू कर दीं। अवैध रूप से गन्ना खरीदने वालों के बजाय मजबूरी में गन्ना बेचने वाले किसानों पर कार्रवाई होता देख अन्य किसान आक्रोशित हो गए और हंगामा करने लगे।
इस पर पुलिस ने उनको भी दौड़ा दिया। आरोप है कि पुलिस ने किसानों से अभद्रता भी की। इस दौरान पुलिस को सेंटर पर गन्ने से लदी चार ट्रालियों मिली, इसको पुलिस ने जब्त कर लिया। वहीं गन्ना किसान अनोज, विनय, प्रवेश निवासी करोलिया पर रिपोर्ट दर्ज की है। वहीं केंद्र संचालक पर अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज की है।
अवैध रूप से चल रहे गन्ना सेंटर पर जब पुलिस और प्रशासन का अमला पहुंचा, वहां पर मौजूद किसानों का आरोप है कि पुलिस ने उनके साथ अभद्र भाषा का उपयोग किया। कुछ किसानों ने मारपीट का भी आरोप लगाया। वहीं इस घटना के संबंध में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, इसमें किशोर न्याय बोर्ड की सदस्य अर्चना पटेल ने बताया कि गन्ने की जहां पर खरीद चल रही थी, वहां पर पुलिस ने उनके पिता से अभद्रता की।
जब पति ने इस सिलसिले में पुलिस व अधिकारियों से बात करनी चाही तो उनके साथ ही वही व्यवहार किया गया। यहां तक कि महिला होने के बावजूद पुलिस ने उनके साथ भी अमर्यादित भाषा का उपयोग किया। वहीं एसडीएम सदर पारसनाथ मौर्य ने बताया कि गुलड़िया में धर्मकांटे पर अवैध रूप से गन्ने का सेंटर संचालित था। जहां कम रेट पर कुछ लोग गन्ने की खरीद कर रहे थे। मौके पर जो ट्राली गन्ने से लदी मिलीं, इनको जब्त कर लिया गया है। विरोध करने वाले तीन किसानों को पकड़ा गया था। उनका शांतिभंग में चालान कर दिया गया है। जो लोग अवैध रूप से सेंटर चला रहे थे, उनकी जानकारी की जा रही है।
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