उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। अमर उजाला के चुनावी कार्यक्रम 'सत्ता का संग्राम' के तहत उत्तर प्रदेश के शेखूपुर विधानसभा क्षेत्र में लोगों से बात की गई। इसका उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनावों में मतदाताओं के प्रमुख मुद्दों को समझना था। स्थानीय निवासियों ने क्षेत्र की समस्याओं और अपनी अपेक्षाओं को साझा किया। यहां लोगों ने विकास, रोजगार, सुरक्षा, शिक्षा, सड़क और सफाई जैसी समस्याओं पर अपनी राय व्यक्त की। इस सीट पर समाजवादी पार्टी से हिमांशु यादव विधायक हैं।
शेखूपुर की जनता से मुद्दों पर बातचीत
नाजिम रजा कुरैशी ने कहा कि 20 साल से सड़क नहीं बनी है। वहीं अजीत सिंह ने शिक्षा व्यवस्था, सड़क के प्रमुख मुद्दों पर बातचीत की। जनता ने कहा कि सरकार युवाओं के कौशल विकास और भविष्य पर ध्यान दे।
शेखूपुर के युवाओं ने रखे अपने मुद्दे
शेखूपुर विधानसभा क्षेत्र में युवाओं से बात की गई। स्थानीय निवासियों ने क्षेत्र की समस्याओं और अपनी अपेक्षाओं को साझा किया। जितेंद्र शर्मा ने शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को मुख्य चुनावी मुद्दे बताया। दिनेश शर्मा ने रोजगार और नौकरी को युवाओं की प्राथमिकता बताया। राजा बाबू ने अपने क्षेत्र में नाले और साफ-सफाई की कमी पर चिंता व्यक्त की। जितेंद्र राजपूत ने यूरिया की कमी और गांव में विकास न होने की बात कही। अमन ने एक पढ़ा-लिखा विधायक चुनने की इच्छा जताई जो शिक्षा और विकास पर ध्यान दे। शाहजिब ने एमबीबीएस डॉक्टर, पीएचसी और एक्सरे जैसी बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव पर जोर दिया।
शेखूपुर में मुस्लिम समाज ने स्थानीय मुद्दों पर खुलकर बात की
उत्तर प्रदेश के शेखूपुर विधानसभा क्षेत्र के ककराला कस्बे में लोगों से बात की गई। इसका उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनावों में मतदाताओं के प्रमुख मुद्दों को समझना था। स्थानीय निवासियों ने क्षेत्र की समस्याओं और अपनी अपेक्षाओं को साझा किया। मौलाना हकीम अफरोज खान ने शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और सड़कों को मुख्य चुनावी मुद्दे बताया। जैगम खान ने बताया कि पूर्व मंत्री द्वारा पानी की टंकी और हाउस टैक्स फ्री करने के वादे पूरे नहीं हुए। इरशाक खान ने शिक्षा, चिकित्सा, सुरक्षा और सड़क पर काम करने को कहा। शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव भी एक प्रमुख मुद्दा है।
शेखूपुर में कैसी है शिक्षा व्यवस्था, जनता ने बताया पूरा हाल
इश्तकार ने क्षेत्र में विकास की कमी और स्कूलों की खराब स्थिति बताई। सत्येंद्र कुमार ने सड़क व्यवस्था को लेकर कहा कि वादा अभी अधूरा है। राजा बाबू ने नाले और साफ-सफाई की कमी पर चिंता व्यक्त की। अमन ने एक पढ़ा-लिखा विधायक चुनने की इच्छा जताई जो शिक्षा और विकास पर ध्यान दे। रोजगार के अवसर और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। युवा पीढ़ी अब जाति या धर्म के बजाय विकास और पढ़ाई-लिखाई पर वोट डालने की बात कह रही है।