आजम खां की रिहाई को प्रदर्शन करते मंच के लोग
- फोटो : अमर उजाला
बदायूं में सर्व समाज युवा शक्ति मंच ने रविवार दोपहर आजम खां की रिहाई को लेकर सपा के खिलाफ प्रदर्शन किया। संगठन के नेताओं का कहना है कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव जानबूझकर कानूनी पैरवी नहीं कर रहे हैं, नहीं तो आजम कब के बाहर आ चुके होते। मुस्लिम समाज के लोगों का कहना था कि वह सपा के पिछलग्गू बनकर मुसीबत झेल रहे हैं। अब वह नई रणनीति बनाएंगे।
सर्व समाज युवा शक्ति मंच के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष अफसर अली खान व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मुशफ्फे के नेतृत्व में बदायूं के मोहल्ला कबूलपुरा में नई सपा के विरोध में प्रदर्शन किया। सपा मुखिया अखिलेश यादव के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। मंच के कार्यकर्ताओं के हाथ मे नई सपा- मुस्लिम व आजम विरोधी की तख्तियां लेकर विरोध जताया।
मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष अफसर अली खान ने कहा कि विधानसभा चुनावों में पूरे प्रदेश के मुसलमानों ने एकजुट होकर 100 प्रतिशत वोट सपा को दिए। इसके बावजूद जब मुसलमानों पर कोई व्यक्ति आपत्तिजनक टिप्पणी करता है तब सपा के मुखिया अखिलेश यादव खामोश रहते हैं। चाहे हिजाब का मामला हो और संत द्वारा मुस्लिम महिलाओं पर आपत्तिजनकजनक टिप्पणी करने का, अखिलेश यादव सभी मामलों पर मौन रहते हैं। आजम खां मुसलमानों के नेता हैं। वह दो साल से जेल में हैं। उन्होंने आगे कहा कि आज तक अखिलेश यादव ने उनके पक्ष में कितने धरना प्रदर्शन कराए, वह बता दें।
मंच के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मुशफ्फे ने कहा सपा मुखिया मुसलमानों के विरोधी
वहीं, डॉ. मुशफ्फे ने कहा कि अखिलेश यादव ने मुसलमानों से वोट लेकर हमेशा अपना उल्लू सीधा किया है, वह कल भी मुस्लिम विरोधी थे और वह आज भी मुस्लिम विरोधी है। अखिलेश यादव और उनकी नई सपा भाजपा से ज्यादा खतरनाक है। मंच के लोगों ने जमकर प्रदर्शन किया। यहां राष्ट्रीय महासचिव क़ौसर अली खान, मशशन खान, विकारउद्दीन, वाजिद हुसैन अल्वी, शादाब अहमद, अजमत खान, तालिब, फैसल खान, शारुख खान, शावेद व अज़मत आदि मौजूद रहे।