बदायूं। उझानी क्षेत्र की ग्राम पंचायत सरकी मजरा लोकी नगला के प्रधान व सचिव ने मनरेगा में गांव की अधिकांश महिलाओं के फर्जी जॉबकार्ड बनाकर करीब दस लाख रुपये की धनराशि हड़पने के मामले में डीएम ने जांच बैठाई थी। खंड विकास अधिकारी ने जांच पूरी कर डीसी मनरेगा कार्यालय को आख्या रिपोर्ट भेजी है। इस मामले में रोजगार सेवक के पद पर तैनात प्रधान के देवर पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
गांव के रहने वाले अवधेश ने छह फरवरी को डीएम को शिकायती पत्र दिया था। आरोप था कि गांव के करीब 32 लोगों के फर्जी तरीके से जॉब कार्ड बनाकर करीब दस लाख रुपये का घोटाला किया गया है। सचिव व प्रधान के पति ने मिलकर यह घोटाला किया है। मामले का संज्ञान लेते हुए डीएम ने जांच बैठा दी थी।
जांच खंड विकास अधिकारी सर्वज्ञ अग्रवाल ने की। जांच आख्या उन्होंने डीसी मनरेगा कार्यालय में भेजी है। अब जांच के आधार पर प्रधान व रोजगार सेवक पर कार्रवाई की जाएगी। दोषी प्रधान के अधिकार भी सीज हो सकते हैं। साथ ही घोटाले में साथ देने वाले उसके देवर (रोजगार सेवक) पर भी कार्रवाई संभव है।
इनके नाम से निकाली गई धनराशि
आरोप लगाया है कि रोजगार सेवक अजय के जॉबकार्ड से 34,802, नवभारत के नाम से 80,822, चंद्रमुखी के नाम से 44,872, दीपक के नाम से सफाई कर्मचारी व मनरेगा से एक ही दिन में दो जगह से रुपये निकाले गए हैं। मानसिंह 65 साल के बुजुर्ग हैं। वह लाठी का सहारा लेकर चल पा रहे हैं, लेकिन गांव में चल रहे मनरेगा के खेल में वह भी मजदूर दर्शाए गए हैं। उनके नाम पर करीब 52,500 रुपये निकाले गए हैं। राजकिशोर के नाम पर 36,290 रुपये निकाले गए हैं। ऐसे ही करीब 32 लोगों के फर्जी जॉबकार्ड प्रधान ने बनाए हुए हैं। उनके नाम से रुपये निकालकर अपने खाते में ट्रांसफर कराने का खेल किया जा रहा है। अब तक करीब दस लाख रुपये का घोटाला सामने आ चुका है।
जांच करने के बाद आख्या कार्यालय भेजी गई है। उच्चाधिकारियों से जैसे निर्देश मिलेंगे उसी के हिसाब से आगे कार्रवाई की जाएगी। -सर्वज्ञ अग्रवाल, विकास खंड अधिकारी, उझानी