प्रभारी जिलाधिकारी देवेंद्र सिंह कुशवाहा ने कोआपरेटिव बैंक के उझानी शाखा के प्रबंधक की अनुपस्थिति एवं राजस्व वसूली में शिथिलता बरतने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए वेतन आहरण पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी है।
गुरुवार को विकास भवन में कोआपरेटिव बैंक द्वारा दिए गए ऋण की वसूली समीक्षा में 48 करोड़ के सापेक्ष सात करोड़ 30 लाख की वसूली पर प्रभारी जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने चेताया कि आगामी सप्ताह तक वसूली में प्रगति नहीं होती है, तो कड़ी कार्रवाई होगी। कादरचौक के असरासी एवं बदायूं के लखनपुर के सचिव द्वारा वसूली में सहयोग न करने पर, इनके खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए।
इस अवसर पर डीआरडीए के पीडी रामरक्षपाल सिंह यादव, डीडीओ प्रदीप कुमार सोम एवं आजीविका मिशन के उपायुक्त आरपी सिंह, अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
फर्जी आंकड़े बर्दाश्त नहीं
प्रभारी जिलाधिकारी ने बीडीओ को चेताया कि किसी योजना में फ र्जी रिपोर्ट न दी जाए। मनरेगा में शिथिल पर्यवेक्षण पर भी चेतावनी दी। कहा कि वह खुद मनरेगा का कार्य देखेंगे और कमी पाई गई तो संबंधित बीडीओ के विरूद्ध कार्रवाई होगी।