बदायूं। सीडीओ निशा अनंत ने पिछले दिनों मनरेगा से जुड़े कामों की समीक्षा की। कई जगहों पर सचिवों द्वारा काम में रुचि नहीं लेने का मामला सामने आया। इन सचिवों को काम में सुधार लाने के निर्देश के बावजूद सुधार नहीं होने पर 34 सचिवों को प्रतिकूल प्रतिवष्टि दी है।
मनरेगा योजना के तहत जिले में मानव दिवस सृजित करने के लिए शासन की ओर से 43 लाख से अधिक का लक्ष्य दिया गया है, जिसके तहत जिले में मनरेगा योजना में अब तक 27 लाख ही मानव दिवस सृजित हो सके हैं। उसमें भी सभी जॉब कार्ड धारकों को रोजगार उपलब्ध नहीं हो सका है। जबकि जिले में 2.22 लाख जॉब कार्ड धारक हैं। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि इसमें से लगभग डेढ़ लाख जॉब कार्ड धारक ही मनरेगा योजना के तहत कार्य करने में रुचि लेते हैं। इनमें से भी कुल 70523 जॉब कार्ड धारकों को रोजगार नहीं मिल सका। ऐसे में जॉब कार्ड धारकों को मनरेगा योजना के तहत कार्य न मिलने में सचिवों की लापरवाही सामने आ रही है। आधा से अधिक वित्तीय वर्ष गुजर जाने के बाद भी 50 फीसदी से अधिक कार्य नहीं कराया गया। इसकी जानकारी तब हुई जब ग्राम्य विकास आयुक्त द्वारा वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिये बैठक ली गई। जिस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए ऐसे सचिवों पर कार्रवाई करने के साथ लक्ष्य के अनुसार शत प्रतिशत कार्य कराने के निर्देश मनरेगा उपायुक्त और सीडीओ को दिए। ग्राम्य विकास आयुक्त द्वारा नाराजगी व्यक्त करने के बाद सीडीओ द्वारा मनरेगा कार्यों की ग्राम पंचायत वार समीक्षा की गई। जिसमें पता चला कि 34 सचिव ऐसे हैं। जिनके द्वारा मनरेगा योजना के तहत कार्य कराने में रुचि नहीं ली जा रही है। जिसमें सबसे अधिक जगत और उझानी विकास खंड के सचिव शामिल हैं। जिस पर सीडीओ ने कार्रवाई करते हुए सभी को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर समय रहते कार्य नहीं कराया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।