भारतीय किसान यूनियन की मालवीय आवास पर हुई पंचायत में तय किया गया कि ग्रामीण विद्युत घरेलू बिल बढ़ाने के विरोध में एक मार्च को यहां पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। बरेली में होने वाली पंचायत में भी इस मुद्दे को उठाया जाएगा। भाकियू ने किसानों की समस्याओं को लेकर डीएम को ज्ञापन भी दिया।
भाकियू जिलाध्यक्ष धर्मपाल सिंह ने कहा कि अनंदाताओं के केसीसी ऋण माफ किए जाना चाहिए। केंद्र और प्रदेश की सरकारें अन्नदाताओं पर तंज कसने से बाज आएं। दोनों सरकारें किसान विरोधी हैं। प्रधानमंत्री किसानों की रैली का नाम देकर अन्नदाताओं पर तमाचा मारने का काम कर रहे हैं। केंद्र सरकार पूंजीपतियों और विदेशी कंपनियों की कठपुतली है। बीकेडी जिलाध्यक्ष राजेश सक्सेना ने कहा कि किसानों की आत्महत्या को लेकर केंद्रीय मंत्री द्वारा जो बयान दिया गया है वह घिनौना और अपमानजनक है। ऐसे मंत्रियों को बर्खास्त किया जाना चाहिए।
अन्य वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में घरेलू बिजली के बिल बढ़ाने का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। इसे लेकर भाकियू और बीकेडी बड़ा आंदोलन करेगी। 27 फरवरी को बरेली में गौरव टिकैत पंचायत को संबोधित करेंगे। पंचायत में किसानों की और भी समस्याओं को उठाया गया। इस मौके पर हारुन गौस, सतीश साहू, ब्रजभूषण सिंह, सत्यवीर सिंह यादव, जुगेंद्र सिंह, त्रिमल यादव, बाबूखां, सरोज सिंह, विजयवीर सिंह, निरोत्तम सागर, विनोद यादव, नरेश पाल, शांतिदेवी, जरीना, नरेश, असलम खां, नन्हें आदि थे।