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Budaun News: सीएम ग्रामीण आवास योजना के नाम पर लिए 20 हजार रुपये

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बदायूं। मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना का लाभ देने के नाम पर सचिव गांव समरेर ने 20 हजार रुपये लेने के बाद भी पात्र महिला को अपात्र बना दिया। इसमें सर्वेयर से लेकर तीन लोग शामिल रहे। पीड़िता ने कोर्ट के आदेश पर ग्राम विकास अधिकारी समेत तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। न्यायालय सीजेएम के आदेश पर मामला दर्ज किया गया है।
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बिनावर थाना क्षेत्र के गांव अमानाबाद के मजरा मुझियाना की रहने वाली लक्ष्मी देवी ने बताया कि वह गरीबी की रेखा से नीचे रहकर जीवन यापन करती है। उसके पास रहने के लिए पक्का आवास नहीं है। उसने प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत आवास निर्माण के लिए आवेदन किया था। इस पर सचिव सुधीर कुमार सिंह व सर्वेयर महीपाल गंगवार ने फोन करके उससे 20 हजार रुपये की मांग की मांग।
न देने पर उसका आवेदन निरस्त कर दिया गया। कई बार उसका आवेदन निरस्त कर अपात्र बता दिया गया। हारकर उसने रुपये दे दिए, लेकिन उसको पात्र नहीं बनाया। कोर्ट के आदेश पर तीनाें के खिलाफ बिनावर थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की है।
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होली पर 25 हजार रुपये लेकर ससुराल गया युवक लापता
- पिता ने बहू व उसके घरवालों पर लगाया अपहरण का आरोप
- कोर्ट के आदेश पर पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी

बदायूं। पत्नी के कहने पर होली पर 25 हजार रुपये लेकर ससुराल गया युवक घर नहीं लौटा है। कोर्ट के आदेश पर दातागंज पुलिस ने पत्नी समेत पांच लोगों के खिलाफ अपहरण कर युवक को कहीं छुपाने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।


दातागंज क्षेत्र के गांव छोटा परा निवासी प्रेमपाल ने बताया है कि उसके बेटे अरुण की शादी अब से करीब दो साल पहले चांदनी के साथ हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद ही बहू, बेटे व परिवार के साथ गलत व्यवहार करने लगी। उसने उसके मायके वालों से शिकायत की तो 25 फरवरी 2025 को उसके खिलाफ ही झूठा प्रार्थना पत्र दे दिया। दस मार्च को होली मनाने बहू चांदनी सोने-चांदी के जेवर व 20 हजार रुपये लेकर अपने मायके चली गई। बेटे को फोन करके 25 हजार रुपये और मंगा लिए।

बेटा अरुण रुपये लेकर करीब 11:00 बजे ससुराल पहुंच गया, तब से लापता है। जानकारी करने पर ससुराल वालों ने कहा कि अरुण आए तो थे, लेकिन बिना बताए ही कहीं चले गए। 27 मार्च को थाना दातागंज पर गुमशुदगी दर्ज कराई गई। इसके बाद भी उसके पुत्र का अब तक पता नहीं चला है।
20 मई को बहू चांदनी की मां मन्जो ने फोन करके बताया कि तुम्हारे बेटे को एक घंटे में लाकर दे देंगे। इसके बदले में क्या दोगे। कुछ न देने की बात कही तो फोन काट दिया। आरोप है कि अरुण को ससुरालीजनों ने ही कहीं छुपा दिया है। इसकी रिपोर्ट लिखाने थाना उसहैत गया, वहां रिपोर्ट नहीं लिखी। अब कोर्ट के आदेश पर बेटे की पत्नी समेत पांच लोगों के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर ही है।




कोर्ट के आदेश पर आठ लोगों पर रिपोर्ट



बदायूं। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर उझानी पुलिस ने जानलेवा हमले की रिपोर्ट आठ लोगों के खिलाफ दर्ज कर ली है।



उझानी कोतवाली क्षेत्र के गांव सरौता निवासी अरमीन ने बताया है कि 13 अक्तूबर की शाम 3:30 बजे वह अपने घर पर थी। तभी गांव के ही मनवीर, पप्पू, सुनील, डब्ल्यू, रिंकू, खुशबू, अंजली व रज्जू घर पर आकर गाली देने लगे। आरोप है कि पति ब्रज कुमार पर जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया। दोनों जान बचाकर घर से बाहर भागे, जिसके बाद आरोपियों ने घर में आग लगा दी। मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने थाने गई तो कार्रवाई नहीं हो सकी, न ही मेडिकल परीक्षण कराया गया। संवाद

बाइक सवार दंपती को पीटा, छह लोगों पर रिपोर्ट
बदायूं। न्यायालय अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन दातागंज के आदेश पर पुलिस ने रास्ते में घेरकर दंपती को पीटने के मामले में छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट की है।



दातागंज कोतवाली क्षेत्र के गांव पापड़ निवासी एवरन ने बताया कि बसेला गौटिया निवासी उसके रिश्तेदार विनोद की शादी थी। 11 मई 2025 की शाम करीब पांच बजे बरात लौट कर आ रही थी। उनका बेटा राजेश व बेटे की पत्नी लक्ष्मी व पुत्री पायल बाइक से गांव लौट रहे थे। रास्ते में शेर, मुनेंद्र जितेंद्र, अजवेंद्र सुखपाल उर्फ झंकारा, नन्ही देवी आदि ने रोककर मारपीट कर दी। पुलिस को तहरीर दी, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। अब कोर्ट के आदेश के बाद आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है। संवाद













चपरासी के पद पर नौकरी लगवाने के लिए एक लाख रुपये, रिपोर्ट दर्ज







बदायूं। गांव बमेड़ निवासी विपिन कुमार ने बताया कि वह बीए पास है। बताया कि 2015 में फूफा विजेन्द्र सिंह के पड़ोस के गांव धिमरपुरा निवासी जीतपाल, जो कि जनपद न्यायालय में चपरासी है, ने उससे संपर्क करके जजी में चतुर्थ श्रेणी में नौकरी लगवाने का झांसा देकर एक लाख रुपये ले लिए। 20 दिसंबर 2015 को हुई परीक्षा में नाम नहीं आया। जीतपाल ने रुपये भी नहीं लौटाए। न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर बिल्सी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज विवेचना शुरू कर दी है। संवाद
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