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Budaun News: रोडवेज बसों में फॉग लाइट न खिड़कियों में शीशे

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बिना शीशा के ही दौड़ लगा रही रोडवेज की बस। सयंवाद
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बदायूं। नवंबर शुरू होते ही ठंड ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। दिन और रात का तापमान लगातार गिर रहा है। ऐसे मौसम में रोडवेज बसों में यात्रा करना बेहद खतरनाक है।
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बदायूं डिपो की अलग-अलग रूटों पर 10 से 15 ऐसी बसें दौड़ रही हैं, जिनकी खिड़कियों में शीशे ही नहीं लगे हैं। जिन बसों में शीशे हैं भी उनमें रबर न होने से चलती बस में बंद खिड़़कियां खुल जा रहीं हैं। सर्द हवा के झोंकों से उन्हें परेशानी हो रही हैं। वहीं बसों में अभी फॉग लाइटें भी नहीं लगाई गईं हैं। ऐसे में कोहरे में चालकों को बस चला पाना मुश्किल होगा।


रात को ठंड बढ़ने के साथ हल्का कोहरा भी छाने लगा है। कोहरे के दौरान बगैर फॉग लाइट के रोडवेज बसों में रात का सफर करना मुश्किल है। बदायूं डिपो के बेड़े में निगम की 106 व अनुबंधित की 46 बसें हैं। इनमें 10-15 बसें लगभग खटारा की श्रेणी में हैं। दरवाजे और खिड़कियों के शीशे टूटे होने के साथ फॉग लाइट भी नहीं है।
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बिना शीशे की खिड़की वाली बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों को सर्द हवा नश्तर की तरह चुभती है। बावजूद इसके डिपो और वर्कशॉप के जिम्मेदार अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे। इधर, तापमान में लगातार गिरावट आ रही है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम के जानकारों के मुताबिक, दिसंबर का पहला सप्ताह खत्म होते-होते घना कोहरा छा सकता है। घना कोहरा छाने पर तो बिना फॉग लाइट वाली बसों की रफ्तार भी एक दम थम जाएगी। ऐसे में यात्रा के दौरान लोगों को काफी समस्या हो सकती है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि सभी बसों की खिड़कियों के शीशे लगवाए जा रहे हैं। फॉग लाइट और रिफ्लेक्टर के लिए भी डिमांड मुख्यालय भेज दी गई है।

यात्री रामवीर ने बताया कि जिस बस में सफर करके आया हूं, उसकी खिड़कियों पर शीशे नहीं थे। रोड पर बस दौड़ने के समय सर्द हवा सीधी यात्रियों को लग रही थी। इस कारण काफी समस्या हुई।
उसावां से दिल्ली जा रहे मेघपाल सिंह ने बताया कि उसावां से यहां तक ही ठंडी हवा ने हालत खराब कर दी। अगर दिल्ली तक ऐसे ही बस में सफर किया तो हालत बिगड़ सकती है। खिड़की पर शीशे तो गर्मी में भी जरूरी हैं।


सभी बसों की खिड़कियों पर शीशे लगवाए जा रहे हैं। वर्कशॉप स्टाफ को निर्देश दिए गए हैं कि जल्द ही खिड़की पर शीशे लग जाएं। कोई बस बिना शीशे के दिखी तो कार्रवाई की जाएगी। फॉग लाइट और रिफ्लेक्टर लगाने का काम भी जल्द ही शुरू करा दिया जाएगा। -राजेश पाठक, एआरएम

बिना शीशा के ही दौड़ लगा रही रोडवेज की बस। सयंवाद

बिना शीशा के ही दौड़ लगा रही रोडवेज की बस। सयंवाद

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