दातागंज। लंबे इंतजार के बाद भी दातागंज और तहसील के उपनगरों को रोडवेज की बस सेवा मयस्सर नहीं हो पा रही है। दातागंज में रोडवेज बस स्टैंड के निर्माण और सौंदर्यीकरण पर 1.75 करोड़ से ज्यादा बजट खर्च किया गया था, लेकिन इसका लाभ तीन साल बाद भी स्थानीय लोगों को नहीं मिल रहा। यहां के लोग बरेली, बदायूं और शाहजहांपुर के लिए बस सेवा शुरू कराने को कई बार सांसद और विधायक से भी मनुहार कर चुके हैं।
दातागंज रोडवेज बस स्टैंड को 2011 में अनुबंधित डिपो घोषित किया गया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने यहां बस स्टैंड के पुराने भवन को तोड़कर नए भवन का निर्माण कराया। इसके आधुनिकीकरण पर 1.75 करोड़ से ज्यादा बजट खर्च किया गया। यहां रैन बसेरा के साथ यात्रियों के मनोरंजन के लिए एलईडी, पंखा, कुर्सी और प्रकाश आदि की भी उचित व्यवस्था की गई। 2016 में दातागंज रोडवेज बस स्टैंड का लोकार्पण कर दिया गया। इसके बावजूद अब तक यहां एक भी स्थायी कर्मचारी की तैनाती नहीं की गई है।
बदायूं डिपो के बेड़े में 37 अनुबंधित बसें हैं। इनमें दातागंज रोड पर एक भी अनुबंधित मिनी बस नहीं चलाई जा रही है। लंबे समय से यहां के लोग बरेली, बदायूं और शाहजहांपुर के लिए बस सेवा की मांग कर रहे हैं। प्रदेश में दो साल पहले भाजपा सरकार बनने के बाद उम्मीद जगी थी, लेकिन अब यह भी धूमिल हो गई है। ऐसे में दातागंज रोड पर डग्गामार वाहनों ने कब्जा कर रखा है। लोगों को जान जोखिम में डालकर सफर पूरा करना पड़ रहा रहा है। देखरेख के अभाव में दातागंज बस स्टैंड भी धीरे-धीरे बदहाल हो रहा है। रात में यहां आने वाली बसें बाईपास से गुजर जाती हैं। इससे भी लोगों को परेशानी हो रही हैं।
जनप्रतिनिधि भी नहीं दे रहे ध्यान
दातागंज से बदायूं, बरेली और शाहजहांपुर के लिए रोडवेज बस सेवा शुरू कराने की मांग कई बार जनप्रतिनिधियों से भी की जा चुकी है, लेकिन वे भी स्थानीय लोगों की इस मांग को तवज्जो नहीं दे रहे हैं। गौर करने वाली बात यह है कि दातागंज कस्बे में व्यापारियों का एक बड़ा वर्ग है। इस वर्ग को भाजपा का वोट बैंक भी माना जाता है। प्रदेश में भाजपा सरकार बने दो साल हो चुके हैं। अब तक दातागंज रोडवेज स्टैंड के दिन नहीं बहुरे हैं।
दातागंज बदायूं के बीच शटल सेवा शुरू करने पर काम चल रहा है। इसके लिए मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है। दातागंज-बदायूं के बीच 41 सीटर 10 बसों का संचालन शुरू करने की योजना है। इन बसों का संचालन जल्द शुरू हो जाएगा। डग्गामार वाहनों की वजह से इस रूट पर निगम को घाटा होता है। ऐसे में फिलहाल इस रूट पर बसों की संख्या कम है। इसे बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।
- राजेश कुमार, एआरएम
इस मामले में परिवहन मंत्री से बात करेंगे। जब इस पर इतनी धनराशि खर्च हुई है तो इसका लाभ लोगों को मिलना चाहिए। जो बसें बाईपास होकर निकल जाती हैं उन्हें भी अंदर आना चाहिए। इस संबंध में भी अधिकारियों से बात की जाएगी।
-राजीव कुमार सिंह, क्षेत्रीय विधायक