बदायूं। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के चलते वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और उससे जुड़े उत्पादों की कीमतों में तेजी आई है। इसका सीधा असर अब जिले में सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कोलतार (बिटुमेन) पर पड़ रहा है। जिले में भी बिटुमेन की कीमतों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है, इससे सड़क निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। जानकारों के अनुसार, बिटुमेन सड़क निर्माण का प्रमुख घटक होता है और इसकी कीमत बढ़ने से पूरी परियोजना की लागत पर असर पड़ता है।
जिले में इस समय करीब 500 करोड़ रुपये की लागत से 350 से अधिक छोटी-बड़ी सड़कों का निर्माण कार्य जारी है, लेकिन हाल के दिनों में कोलतार के दामों में अचानक तेजी आ गई। ठेकेदारों को पहले की तुलना में अधिक कीमत पर कोलतार खरीदना पड़ रहा है। इससे उनकी लागत बढ़ गई है। कई ठेकेदारों का कहना है कि पुराने टेंडर के हिसाब से काम करना अब मुश्किल होता जा रहा है, क्योंकि उस समय तय दरों में इतनी बढ़ोतरी का अनुमान नहीं लगाया गया था।
स्थिति यह है कि शहर में गौरी शंकर मंदिर से मुख्य डाकघर तक सड़क चौड़ी होनी है। पहले आसपास के जगह को खोदा गया था, साथ ही अन्य सामान डालकर उसको समतल करने का काम चल रहा है। शुरुआत में काम तेजी से शुरू हुआ था। इसी बीच में कोलतार के दाम में बढ़ोतरी हो गई। ऐसे में इस काम के निर्माण में धीमी गति आ गई है। इसके अलावा बदायूं से बेलाडांडी रोड पर काम चल रहा है, रायपुर धीरपुर रोड का भी चौड़ीकरण का चल रहा है। साथ ही उझानी से संकरी जंगल मार्ग पर भी चल रहे काम की रफ्तार में कमी आ गई है।
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शहर में काम पड़ा धीमा
कोलतार का असर हर तरफ सड़क पर दिखाई दे रहा है। शहर में गौरीशंकर मंदिर से विकास भवन, डीएम आवास, नेकपुर, एसएसपी कार्यालय होते हुए मुख्य डाकघर तक सड़क चौड़ी होनी है। इस मार्ग पर चौड़ीकरण में करीब 3.63 करोड़ रुपये की लागत आएगी। योजना के तहत सड़क को मानकों के अनुसार चौड़ा किया जाएगा, जिससे वाहनों की आवाजाही सुगम हो सके। यहां पर ठेकेदार ने काम की गति को पहले से धीमा कर दिया है।
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उझानी में सड़क निर्माण कार्य प्रभावित
-उझानी नगर में कल्याण सिंह चौक से लेकर मंडी समिति मोड़ तक करीब दो किमी सड़क के चौड़ीकरण का काम करीब छह करोड़ रुपये की लागत से शुरू हुआ है। ठेकेदार की ओर से कुछ दिन पहले की चौड़ीकरण का काम शुरू किया गया था। लेकिन, कोलतार महंगा होने पर असर यहां पर भी साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। अब यहां पर भी निर्माण कार्य में तेजी नजर नहीं आ रही है। ऐसे में यहां पर काम की समय सीमा बढ़ जाएगी।
15 दिन पहले 50 हजार अब 65 हजार से ज्यादा हो गया
-काेलतार के रेट में एक साथ तेजी पकड़ी थी। युद्ध से पहले कोलतार के रेट 50 हजार रुपये प्रति मीट्रिक टन हुआ करता था, लेकिन मौजूदा समय में यह बढ़कर 65 हजार रुपए प्रति मीट्रिक टन हो गया है। अगर युद्ध लंबा चला, तो यह रेट और भी बढ़ने की संभावना है। इससे सड़क बनाना काफी महंगा हो जाएगा।
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वर्जन
जिले में कई जगहों पर काम चल रहे थे, लेकिन कोलतार के रेट लगातार महंगाई पकड़ रहे हैं। इससे काम करने में दिक्कत आ रही है। अगर यहीं हालात बने, तो काम को बीच में बंद करना भी पड़ सकता है।
-अमित पांडेय, अध्यक्ष ठेकेदार एसोसिएशन
-युद्ध का असर कोलतार पर दिखाई दे रहा है। फिलहाल, जिले में काम चल रहा है। लेकिन आने वाले दिनों में इसका असर दिखाई दे सकता है।
देवपाल सिंह, एक्सईएन
डीएम आवास के सामने बन रही सड़क। संवाद- फोटो : चांदा के कोइरीपुर में श्रीराम जन्मोत्सव पर निकली शोभायात्रा।