उझानी (बदायूं)। स्टेशन रोड ओवरलोड ट्रकों और ट्रैक्टर ट्रॉलियों की वजह से गड्ढों में तब्दील हो गया है तो लिंक रोड की हालत भी अच्छी नहीं है। आर्य समाज धर्मशाला और लिंक रोड मोड़ पर गहरे गड्ढे नागरिकों के साथ जहां ई-रिक्शा पोलर की परेशानी बढ़ा रहे हैं, वहीं बाइक सवारों को भी दिक्कत होती है। स्थिति यह है कि गड्ढों के बीच सड़क कहीं लापता हो गई है।
स्टेशन रोड का जीर्णोद्धार नगर पालिका परिषद की ओर से दो साल पहले कराया गया था। उस वक्त रोड पर भारी वाहनों की आवाजाही ज्यादा नहीं थी। स्टेशन पर पिछले साल से अनाज और खाद लदी मालगाड़ी की बोगियां अनलोड होनी शुरू हुईं तो ओवलोड ट्रक और ट्रैक्टर ट्रॉलियां स्टेशन रोड के रास्ते लिंक रोड से मुख्य मार्ग की ओर जाने लगीं।
ट्रकों और ट्रैक्टर ट्रॉलियों में क्षमता से अधिक अनाज और खाद भी लोड किया जाता रहा है। इसी के चलते रेलवे स्टेशन के पास आर्य समाज धर्मशाला के सामने करीब छह-सात मीटर के दायरे में गहरे गड्ढे हो गए हैं। लिंक रोड मोड़ और भगवान दास पैलेस के पास भी लिंक रोड की सड़क उखड़ गई है। बताते हैं कि पिछले महीनों मेें पालिका प्रशासन की ओर से ओवरलोड वाहनों को रोकने का प्रयास भी किया लेकन परिणाम अच्छे नहीं आए। अब बारिश के दौरान जलभराव और कीचड़ परेशानी बढ़ा देता है।
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बालू भरी ट्रैक्टर ट्रॉलियों पर भी गौर नहीं करते अफसर
पड़ोसी जिले कासगंज में बालू खनन का प्वाइंट है। प्वाइंट से खनन के बाद बालू से ओवरलोड ट्रैक्टर ट्रॉलियां कछला-ननाखेड़ा रोड और यहां मेन मार्केट से होकर निकलती हैं। क्षमता से कई गुना अधिक बालू होने से सबसे पहले कछला-ननाखेड़ा रोड गड्ढों में तब्दील हुआ तो खजुरारा गांव के पास सड़क भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। मेन मार्केट में हलवाई चौक मोड़ और सब्जी मंडी के पास सड़क में गहरे गड्ढे हो गए हैं। बालू से ओवरलोड दो तीन ट्रैक्टर ट्रॉलियों को पिछले महीने एआरटीओ ने पकड़ा भी लेकिन धंधेबाजों ने अगले दिन से ही फिर ओवरलोडिंग का खेल शुरू कर दिया।
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यह बोले इलाके के लोग
मेन मार्केट की सड़कों पर गुजरने वाले ओवरलोड वाहनों पर रोक लगाई जाने चाहिए। ओवरलोड वाहनों की वजह से सड़क क्षतिग्रस्त होती जा रही हैं। खासकर मोड़ के आसपास ऐसे वाहन किसी भी दिन बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। अफसरों को हकीकत पर गौर करना चाहिए।
- कुक्कू सक्सेना, व्यापारी
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स्टेशन रोड की सड़क पर गड्ढों की संख्या में वृद्धि के लिए विभागीय अफसर जिम्मेदार हैं। ऐसा भी नहीं कि ओवरलोड वाहनों और बालू लदी ट्रैक्टर ट्रॉलियों पर उनकी नजर नहीं पड़ती। सब कुछ नजर में होने के बाद भी वह कुछ नहीं करते। अफसरों की चुप्पी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है।
- राहुल वार्ष्णेय, दुकानदार
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रेलवे रोड के लिंक रोड मोड़ के पास ऐसा कोई दिन बचा, जिस दिन बाइक सवार फिसलते नजर नहीं आएं। एक बार तो बाइक सवार महिला के हाथ में फ्रेक्चर भी हो गया था। ई-रिक्शा भी पलट जाते हैं। ओवरलोड ट्रकों को गुजरते देख उनके पलटने का डर लगता है।
- जावेद अख्तर, स्वास्थ्य कर्मी
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स्टेशन से सवारियां लाने और पहुंचाने के लिए रोज दर्जनों की संख्या में ई-रिक्शा निकलते हैं। आर्य समाज धर्मशाला और लिंक रोड मोड़ के पास से निकलते समय ई-रिक्शा के पहिये कई बार खराब हो चुके हैं। दो बार तो ई-रिक्शा भी पलट गया। सवारियों के चोट भी लग गई।
- पंकज, ई-रिक्शा पोलर
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स्टेशन रोड पर जिन दो स्थानों पर ओवरलोड वाहनों की वजह से गड्ढे हो गए थे, उन्हें दो महीना पहले भरवा दिया गया था लेकिन ओवरलोड ट्रकों की वजह से फिर से गड्ढे हो गए। जल्द ही मरम्मत करवा दी जाएगी। मेन मार्केट की सड़क पीडब्ल्यूडी के अधिकार क्षेत्र में है।
- जेपी यादव, अधिशासी अधिकारी