राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के संयोजकों के साथ राज्य कर्मचारियों की बैठक में अप्रैल में होने वाले चुनाव को लेकर चर्चा हुई। परिषद के शीर्ष नेतृत्व से मिले निर्देशों को पढ़कर सुनाया गया। इसमें रिटायर्ड कर्मचारियों को कार्यकारिणी का चुनाव न लड़ने का निर्देश भी शामिल है।
संगठन के प्रांतीय निर्देश के सिंचाई विभाग कैंपस में हुई बैठक में अध्यक्षता करते हुए संयोजक मोहनस्वरूप गुप्ता ने 150 संगठनों की सूची पढ़कर सुनाई गई। इस मौके पर संगठनों के जिलाध्यक्ष/जिला मंत्रियों की मौजूदगी में इसकी पुष्टि भी की गई। उन्होंने बताया कि प्रांतीय निर्देशों के अनुसार सेवानिवृत्त कोई भी पदाधिकारी न तो प्रतिनिधि बनेगा और न अप्रैल में होने वाले चुनाव में पदाधिकारी बन सकेगा। इस प्रकार सेवानिवृत्त पदाधिकारियों को छोड़तेे हुए लगभग 80 विभागाें के 160 प्रतिनिधियों, जिलाध्यक्ष, जिला मंत्री की सूची फैक्स के माध्यम से परिषद के प्रांतीय नेतृत्व को लखनऊ भेज दी गई है।
परिषद के सभी गुटों के एक हो जाने के बाद यह जिलास्तर पर पहला चुनाव होगा। परिषद के वाइलाज के अनुसार जिला कार्यकारिणी का द्विवार्षिक चुनाव होगा। 160 प्रतिनिधियों में से प्रत्येक को नामांकन कराने का और वोट देने का अधिकारी होगा। सूची में नाम घटाने और बढ़ाने का अधिकार प्रांतीय नेतृत्व को होगा।
इस मौके पर अवधेश मिश्रा, सरोज कुमारी यादव, अशोक पाल बघेल, राम प्रकाश सिंह राठौर, प्रमोद कुमार शर्मा, कुसुम पाल सिंह, विनोद कुमार माहेश्वरी, राम निवास वर्मा, भगवान सिंह राठौर, राम पाल इफ्तेदार हुसैन, सुनील महेश बाबू, रविंद्रनाथ शर्मा, दिनेश शर्मा, गिरीश चंद्र मिश्रा, जगदीश चंद्र तिवारी, ओमकार सैनी, विजय यादव आदि शामिल रहे।