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UP News: अफसरों से तंग किसान ने जहर खाकर दी जान, नायब तहसीलदार, लेखपाल समेत पांच लोगों पर रिपोर्ट

Sat, 24 Jun 2023 03:58 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव नगला शर्की निवासी रूम सिंह ने बृहस्पतिवार को सदर तहसील में जहर खा लिया था, जिससे उनकी मौत हो गई थी। परिजनों ने जमीन के मामले में अफसरों पर परेशान करने का आरोप लगाया था। 
 
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किसान रूम सिंह का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बदायूं की सदर तहसील में विषाक्त पदार्थ खाने वाले किसान रूम सिंह की बृहस्पतिवार रात करीब दो बजे उपचार के दौरान बरेली के निजी अस्पताल में मौत हो गई। इससे गुस्साए परिवार वालों ने शुक्रवार शाम करीब चार बजे जवाहरपुरी पुलिस चौकी के सामने उनका शव रखकर जाम लगा दिया। उन्होंने लेखपाल समेत पांच लोगों खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। रात करीब नौ बजे रिपोर्ट दर्ज हुई, तब कहीं पांच घंटे बाद जाम खोला गया।
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सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव नगला शर्की निवासी रूम सिंह ने बृहस्पतिवार अपराह्न करीब तीन बजे सदर तहसील में जहरीला पदार्थ खा लिया था, जिससे उनकी हालत बिगड़ गई थी। परिवार वालों और तहसीलदार करनवीर सिंह ने उन्हें बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। रात करीब दो बजे उनकी मृत्यु हो गई।

परिजनों ने लगाया था यह आरोप 

शुक्रवार सुबह उनके शव का बरेली में ही पोस्टमार्टम कराया गया। दोपहर करीब एक बजे परिवार वाले उनका शव लेकर गांव पहुंचे। जानकारी पाकर सीओ सिटी आलोक मिश्रा और सिटी मजिस्ट्रेट ब्रजेश कुमार सिंह भी वहां पहुंच गए। परिवार वालों का आरोप था कि रूम सिंह ने नायब तहसीलदार आशीष सक्सेना, लेखपाल कुलदीप भारद्वाज और एक महिला एकता वार्ष्णेय से तंग होकर जान दी है।

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वह करीब आठ साल से अपनी जमीन को लेकर भागदौड़ कर रहे थे लेकिन लेखपाल और नायब तहसीलदार सुनने को तैयार नहीं थे। इसी पर उन्होंने बृहस्पतिवार को नायब तहसीलदार के कोर्ट में जहरीला पदार्थ खाया।

पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी लेखपाल और नायब तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देते रहे लेकिन मामला दर्ज नहीं किया गया। ऐसे में परिवार वालों ने शाम करीब चार बजे जवाहरपुरी पुलिस चौकी के सामने सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। इससे कचहरी-दातागंज तिराहा रोड पूरी तरह से बंद हो गया।सूचना पर एसडीएम एसपी वर्मा भी मौके पर पहुंच गए। वह कार्रवाई का आश्वासन देते रहे लेकिन परिवार वाले एफआईआर दर्ज कराने की मांग पर अड़े रहे। 

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रात करीब नौ बजे शहर कोतवाली पुलिस ने रूम सिंह के बेटे संदीप राठौर की तहरीर पर नायब तहसीलदार आशीष सक्सेना, लेखपाल कुलदीप भारद्वाज, एकता वार्ष्णेय पत्नी संजय रस्तोगी समेत पांच लोगों के खिलाफ धारा 167 व धारा 306 आईपीसी के तहत एफआईआर दर्ज की। तब कहीं 09:15 पर जाम खोला जा सका। बाद में परिवार वाले रूम सिंह के शव को लालपुल स्थित मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार को ले गए।

पुलिस को करना पड़ा रूट डायवर्ट

कचहरी और दातागंज तिराहा रोड पर जवाहरपुरी पुलिस चौकी के सामने जाम लगने से पूरी यातायात व्यवस्था बिगड़ गई। इससे पुलिस ने दातागंज तिराहे से कचहरी की ओर आने वाले वाहनों को मझिया रोड पर डायवर्ट कर दिया, तो वहीं कचहरी की ओर से जाने वाले वाहनों को ओवरब्रिज की ओर मोड़ दिया। उन वाहनों को मंडी पुलिस चौकी होते हुए मझिया रोड से गुजारा गया। इस दौरान जाम में तमाम रोडवेज बसें, निजी वाहन फंसे रहे।

पूर्व विधायक आबिद रजा ने परिवार को दी सांत्वना

बरेली से रूम सिंह का शव लाने के बाद पूर्व विधायक आबिद रजा नगला शर्की पहुंचे। उन्होंने परिवार वालों को सांत्वना दी। साथ घटना के लिए तहसील अधिकारियों व कर्मचारियों को जिम्मेदार बताया। उनके अलावा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ओमकार सिंह परिवार वालों से मिले। उन्होंने कहा कि इस लड़ाई में कांग्रेस भी दुखी परिवार के साथ है। इसके अलावा दातागंज के पूर्व विधायक रामसेवक पटेल भी मौके पर पहुंचे।

बेटे का आरोप- नायब तहसीलदार ने कोर्ट में हड़काया

रूम सिंह के बेटे संदीप राठौर का आरोप है कि उसके पिता अपने रिश्तेदार नगला शर्की निवासी केंद्रभान सिंह और आमगांव निवासी देवेंद्र सिंह के साथ सदर तहसील पहुंचे थे। वह घंटाघर के गेट की ओर से घुसे थे, तभी उन्हें गेट पर दो अज्ञात लोग मिले। उन्होंने जान से मारने की धमकी दी। अंदर नायब तहसीलदार ने अपने कोर्ट में उन्हें खूब हड़काया। उन्हें धमकी दी। इससे परेशान होकर उन्होंने जान दी।
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यह था मामला

ग्राम नगला शर्की निवासी रूम सिंह ने करीब आठ साल पहले अपने भतीजे कुलदीप और उसकी मां मुन्नी देवी से करीब तीन बीघा खेत का इकरारनामा कराया था। बाद में उनका बैनामा भी हो गया था, जिससे राजस्व अभिलेखों में उनका नाम दर्ज हो गया था लेकिन बाद में कुलदीप व उसकी मां ने उसी खेत का बैनामा एकता वार्ष्णेय पत्नी संजय रस्तोगी के नाम कर दिया। जमीन एकता वार्ष्णेय के नाम कर दी गई। तहसील प्रशासन का कहना था कि रूम सिंह के इकरारनामा कराने के बाद एकता रस्तोगी का बैनामा हुआ था। इससे जमीन उसके नाम आ गई।

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एसएसपी डॉ. ओपी सिंह ने बताया कि किसान के आत्महत्या करने के मामले में परिवार वालों ने जो तहरीर दी है। उस पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। विवेचना कराई जा रही है। इसमें जो सच्चाई सामने आएगी। उसके अनुसार कार्रवाई होगी।
 
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